नई दिल्ली;– केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल गर्म हो चुका है। इसी बीच सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने औपचारिक रूप से इसे पेश किया। एलडीएफ का यह घोषणापत्र दो हिस्सों में तैयार किया गया है, जिसमें कुल 60 अहम कार्यक्रमों का खाका पेश किया गया है। इसमें खास तौर पर जनकल्याण योजनाओं, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विकास पर फोकस किया गया है।
घोषणापत्र जारी करने के बाद केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि इसमें एलडीएफ सरकार द्वारा केरल के विकास के लिए लागू की गई परियोजनाएं और भविष्य के लिए हमारे वादे शामिल हैं।
घोषणापत्र में शामिल यह प्रमुख वादें
एलडीएफ के घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में बिस्तर पर पड़े मरीजों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सहायता, राज्य में अपनी शिक्षा पूरी करने वाले सभी युवाओं के लिए सुनिश्चित रोजगार और कैंपस प्लेसमेंट की विस्तारित योजनाएं शामिल हैं। इसके तहत कल्याणकारी पेंशन को 3 हजार रुपये तक बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। एलडीएफ ने राज्य के सभी ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। जिसका लक्ष्य इस शैक्षणिक वर्ष में लगभग 60 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है।
नौकरियों में महिलाओं को प्राथमिकता
घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि नौकरियों का 50 परसेंट आरक्षण महिलाओं के लिए रहेगा और शिक्षित युवाओं के उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए ब्याज-मुक्त ऋण की सुविधा भी दी जाएगी। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एलडीएफ ने केरल में हाई-स्पीड उत्तर-दक्षिण रेल कॉरिडोर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। साथ ही मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया कि यह घोषणापत्र रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास को एलडीएफ की नीतिगत प्राथमिकताओं के मुख्य स्तंभ के रूप में प्रस्तुत करता है।













