नई दिल्ली : सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई ने एक दिन पहले अपनी हवेली में गृह प्रवेश किया था। मूसेवाला के पिता ने बताया कि डेढ़ महीने तक किसी को भी बच्चे से मिलने की इजाजत नहीं है।
डेढ़ महीने तक ‘छोटे मूसेवाला’ के दीदार नहीं कर सकेंगे फैंस, पिता ने बताई ये वजह
दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई ने एक दिन पहले अपनी हवेली में गृह प्रवेश किया था। पारिवारिक सदस्यों और गांव वालों ने ‘छोटे सिद्धू’ का शानदार स्वागत किया। हवेली में जश्न का माहौल है। गांव की महिलाओं ने गिद्दा और भांगड़ा डालकर जश्न मनाया। हर कोई ‘नन्हे सिद्धू मूसेवाला’ को देखने के लिए बेताब था लेकिन अभी डेढ़ महीने तक किसी को भी बच्चे से मिलने की इजाजत नहीं है। इसकी वजह मूसेवाला के पिता ने बताई है।
पिता ने लिखा पोस्ट
बलकौर सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने लिखा कि सिद्धू मूसेवाला को प्यार करने वाले प्रशंसकों की प्रार्थनाओं के कारण, भगवान ने उन्हें फिर से एक बेटे की नेमत बख्शी है। उन्होंने कहा कि वह इस प्यार के लिए हमेशा प्रशंसकों के ऋणी रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वह समझते हैं और जानते हैं कि घर आने के बाद हर कोई ‘नन्हे सिद्धू’ को देखना चाहता है लेकिन रीति रिवाज के मुताबिक डेढ़ महीने तक किसी को भी बच्चे से मिलने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कुछ दिन और इंतजार करें और उसके बाद डेढ़ महीने पूरे होने पर सभी को सिद्धू से मिलने की इजाजत दी जाएगी और वह सभी का प्यार और दुआएं लेने के लिए हाजिर रहेंगे।
एक दिन पहले मिली थी अस्पताल से छुट्टी
शनिवार को चरण कौर और छोटे मूसेवाला को बठिंडा के अस्पताल से छुट्टी मिली थी। छुट्टी मिलने के बाद परिवार ने पहले दमदमा साहिब में माथा टेका। इसके बाद अपने गांव मूसवाला की हवेली में चरण कौर और मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने नवजात बच्चे को दाखिल करवाया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। गांव में घर पहुंचने से पहले बच्चे को सिद्धू मूसेवाला की स्मारक पर भी ले जाया गया और माथा टिकवाया गया।
प्रशंसक ने फूलों से लिखा-वेलकम बैक सिद्धू मूसेवाला
हरियाणा के करनाल से सिद्धू मूसेवाला के एक प्रशंसक ने गांव मूसा आकर उसकी समाधि व घर पर ढाई क्विंटल फूल सजाए। प्रशंसक ने 5 प्रकार के इन फूलों को मूसेवाला की समाधि पर और उसकी कोठी के आगे ‘वेलकम बैक सिद्धू मूसेवाला’ लिखा है। जगदेव सिंह 5 तरह के ढाई क्विंटल फूल लेकर सिद्धू मूसेवाला के घर पहुंचा। उसने कहा कि जब उसे पता चला कि सिद्धू मूसेवाला की मां ने एक बच्चे को जन्म दिया है तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। अपनी खुशी का इजहार करने के लिए वह फूल लेकर आया है।













