*भोपाल :-* आपने कई वजहों से अपनी कंपनी में छुट्टी ली होगी. कंपनियों में कर्मचारियों की सुविधा के लिए अलग-अलग तरह की लीव पॉलिसी लागू होती है. इसमें अर्न लीव, सिक लीव, कैजुअल लीव, ट्रेवल लीव, मैटरनिटी लीव और पैटर्निटी लीव जैसी कई तरह की छुट्टियां साल में आपको मिलती है. हालांकि, कुछ कारण ऐसे होते हैं, जिनके लिए छुट्टी मांगने में कर्मचारी को संकोच होता है और वो झूठ बोलकर भी छुट्टियां लेते हैं. मगर, अब भारत की एक फिनटेक कंपनी ने ऐसी अनूठी लीव पॉलिसी शुरू की है, जिसके बारे में जानकार आप भी हैरत में पड़ जाएंगे. यह कंपनी अपने कर्मचारियों को ब्रेक अप लीव दे रही है. ब्रेक अप से उबरने में कर्मचारियों को करेगी सपोर्ट हम बात कर रहे हैं फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी स्टॉक ग्रो के बारे में. स्टॉक ग्रो ने ब्रेक अप के कठिन दौर में अपने कर्मचारियों का सपोर्ट करने के लिए यह लीव पॉलिसी शुरू की है. कंपनी का कहना है कि ब्रेक अप लीव पॉलिसी से कर्मचारियों को रिश्ता टूटने के बाद कठिन समय के दौरान सुकून मिल सकेगा. यह अनूठी लीव पॉलिसी लॉन्च करते समय कंपनी ने कहा कि हम अपने कर्मचारियों की फिक्र करते हैं. हमें उनके दर्द की समझ है. इस लीव पॉलिसी के जरिए हम कठिन वक्त में उनके साथ खड़ा रहना चाहते हैं.कोई सवाल जवाब नहीं, न ही कोई सुबूत मांगेंगे नई पॉलिसी के तहत स्टॉक ग्रो के कर्मचारी एक हफ्ते की छुट्टी ले सकता है. उससे इस संबंध में कोई सवाल जवाब नहीं किए जाएंगे. न ही किसी तरह का सुबूत मांगा जाएगा. अगर कर्मचारी चाहे तो वह मैनेजमेंट से बात करके अपनी छुट्टी बढ़ा भी सकता है. कंपनी ने कहा कि इस लीव से उन्हें मानसिक शांति मिल सकेगी और वो वापस आकर बेहतर काम कर पाएंगे.स्टॉक ग्रो एक प्रीमियम फिनटेक प्लेटफॉर्म है, जो ट्रेडिंग और इनवेस्टमेंट इंफॉर्मेशन देता है. कंपनी के पास लगभग 3 करोड़ यूजर्स हैं.स्टॉक ग्रो की टीम एक परिवार की तरह स्टॉक ग्रो के फाउंडर अजय लखोटिया ने बताया कि अब हमें अपनी सोच बदलने की जरूरत है. हम अपनी टीम को परिवार की तरह देखते हैं. इसलिए उनकी निजी जिंदगी में आए उथलपुथल में हम उनका साथ देना चाहते हैं. ब्रेक अप लीव पॉलिसी इन्हीं प्रयासों का एक हिस्सा है. स्टॉक ग्रो अपने कर्मचारियों को पूरा सपोर्ट करती है. हम चाहते हैं कि उन्हें इस समस्या से उबरने के लिए पर्याप्त समय मिल सके.













