नई दिल्ली : हमारे सौरमंडल के बाहर भी बेहद रहस्य और रोमांच से भरी दुनिया है। इसे लेकर अक्सर नए-नए खुलासे भी होते रहते हैं, जिनके बारे में जानकर वैज्ञानिक भी हैरान हो जाते हैं। वैज्ञानिकों ने अब एक इसी तरह का खुलासा किया है। उनके मुताबिक, इस सौरमंडल से बाहर एक ऐसी दुनिया है, जिसके एक हिस्से में हमेशा उजाला रहता है, तो वहीं दूसरे हिस्से में हमेशा अंधेरा रहता है। वैज्ञानिकों ने किसी दूसरे सौर मंडल में पहली बार ऐसे ग्रह की खोज की है।
वैज्ञानिकों का यह नया शोध द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इस शोध के मुताबिक, ग्रह का नाम LHS 3844b या Kua’kua है। यह ग्रह अपने जीवन के लिए तारे से बेहद करीब बताया जा रहा है। वैज्ञानिक इस खोज को बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं। इसके आधार पर वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि अपने सितारों में कैद कुछ ग्रह हमारे सौरमंडल में भी मौजूद हो सकते हैं।
टाइडल लॉकिंग एक ऐसी घटना है जिसे हम चंद्रमा के साथ अपने सौरमंडल में देख सकते हैं। चंद्रमा हमेशा धरती के एक ही तरफ नजर आता है, क्योंकि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण की वजह से इसका घूर्णन धीमा हो जाता है।
ऐसे ग्रह जो अपने तारे के बहुत नजदीक होते हैं, उनके टाइडल लॉकिंग की संभावना ज्यादा होती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि तारे के गुरुत्वाकर्षण की वजह से उनकी गति पर असर होता है। नए ग्रह के ज्वारीय ग्रह होने के नतीजे पर वैज्ञानिक उसके तापमान का अध्ययन के बाद पहुंचे हैं।
शोधकर्ताओं ने बिना वातावरण वाले ग्रह का एक मॉडल तैयार किया है। Kua’kua के विश्लेषण से उसकी तुलना की गई है। यह विश्लेषण Spitzer Space Telescope से किए गए।
अगर कोई ग्रह अपने तारे के साथ टाइडल लॉक में नहीं होता है, तो उसका तापमान लगातार बढ़ता रहता है। इसके बाद वह इस नतीजे पर पहुंचे Kua’kua काफी ठंडा है। इसकी शुरुआती अध्ययन के बाद अब वैज्ञानिकों को आगे के शोध के लिए अधिक शक्तिशाली टेलीस्कोप की जरूरत है।






