नई दिल्ली : कहा जाता है कि जीवन को खूबसूरत बनाने के लिए मन में हमेशा स्वीकार का भाव होना चाहिए। यदि व्यक्ति के भीतर परिस्थिति को स्वीकार करने की क्षमता होती है, तो वह हर समस्या का समाधान कर सकता है। कुछ लोग अपने पास मौजूद पद, धन व महंगी वस्तुओं के होने पर भी खुश नहीं होते हैं। वह हमेशा इसे बढ़ाने के प्रयास करते रहते हैं। कई बार दूसरों से ईर्ष्या के कारण व्यक्ति फिजूल खर्च करने लगता है, जो उसके भविष्य को भी प्रभावित करता है।
महात्मा विदुर के अनुसार इंसान में मौजूद गुण उसे दूसरों से अलग बनाते हैं। व्यक्ति की अच्छी आदतें उसे समाज में मान सम्मान दिलाती हैं। ऐसे लोगों पर ईश्वर भी मेहरबान रहता है। लेकिन कुछ आदतें उसे आगे बढ़ने से रोकती हैं। साथ ही इसके चलते वह हमेशा अपना नुकसान कराता है। विदुर के अनुसार व्यक्ति को किसी भी तरह की ईर्ष्या नहीं रखनी चाहिए। यदि वह मन में जलन की भावना रखता है, तो वह सारी धन दौलत धीरे-धीरे गंवा देता है। ऐसे लोगों को समाज में भी सम्मान प्राप्त नहीं होता है। इन्हें त्याग देने में ही भलाई हैं। आइए इन आदतों के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
दूसरों से घृणा
दूसरों से घृणा करने वाला व्यक्ति हमेशा पीछे रह जाता है। साथ ही दुख ऐसे लोगों का कभी पीछा नहीं छोड़ता। आचार्य विदुर के अनुसार व्यक्ति को कभी भी घृणा का भाव नहीं रखना चाहिए। यह आपकी परेशानियों का कारण बनती है और व्यक्ति मुसीबत में घिरा रहता है।
बात बात पर क्रोध
क्रोध करने वाले व्यक्ति हमेशा अपना नुकसान स्वयं करता है। वह इसके चलते अपने लाभ को हानि में बदल लेता है। ऐसे लोग अपने गुस्से के आगे किसी को कुछ नहीं समझते है। इस आदत के कारण व्यक्ति आर्थिक तंगी का सामना भी करता है। विदुर के अनुसार क्रोध करने वाला व्यक्ति हमेशा पछताता है, वह अपने सम्मान में कमी का कारण खुद बनता है।
कार्यों से असंतुष्ट रहना
अपने आप को संतुष्ट करना अच्छी बात है परंतु इसका आदि होना व्यक्ति के लिए नुकसानदायक होता है। विदुर के अनुसार कुछ लोग अपने को संतुष्ट करने के लिए दूसरों को हानि पहुंचाते हैं। ऐसे लोग केवल अपने लाभ के चलते लोगों से जुड़ते है।
भाग्य के भरोसे
हमेशा भाग्य के भरोसे बैठने वाले व्यक्ति को निराशा ही मिलती है। साथ ही दूसरों पर निर्भर रहने वाले लोग भी अपने दुखों का कारण खुद बनते है। विदुर नीति के अनुसार व्यक्ति को कभी भी दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इससे हम हंसी का पात्र बनते हैं।













