कोटा : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की और से नीट यूजी 2025 परीक्षा का आयोजन 4 मई को किया जा रहा है. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 7 मार्च थी. इस दौरान 23 लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं, लेकिन अभी भी कैंडिडेट सोशल मीडिया के जरिए रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं. कैंडिडेट्स का कहना है कि 12वीं बोर्ड की परीक्षा होने के चलते वो ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए थे. कुछ विद्यार्थियों का कहना है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ऑनलाइन आवेदन में जरूरी फॉर्मेलिटी को वह समय से पूरा नहीं कर पाए. इनमें आधार और अन्य डॉक्यूमेंट में करेक्शन शामिल हैं. कुछ विद्यार्थियों ने तकनीकी कारणों को इसके लिए जिम्मेदार बता दिया और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को रिओपन करने की मांग की. हालांकि, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 5 मार्च को नोटिफिकेशन जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि ऑनलाइन आवेदन की तारीखों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और रजिस्ट्रेशन की तारीख को भी नहीं बढ़ाया जाएगा
.11 मार्च देर रात तक कर सकेंगे करेक्शन : नीट यूजी 2025 के ऑनलाइन आवेदन में 23 लाख कैंडिडेट ने अप्लाई किया है, जिनके लिए करेक्शन विंडो 9 से 11 मार्च तक खोली गई है. यह कैंडिडेट 11 मार्च देर रात 11:50 तक ऑनलाइन आवेदन में सुधार कर सकेंगे. कैंडिडेट माता या पिता के नाम व क्वालिफिकेशन में बदलाव कर सकते हैं, लेकिन यह सुविधा माता या पिता में से केवल एक के लिए मिलेगी. इसके बाद कैंडिडेट 10वीं और 12वीं की क्वालिफिकेशन, राज्य, कैटेगरी, सब कैटेगरी, हस्ताक्षर और नीट यूजी अटेम्प्ट, इसकी जानकारी को बदल सकेगा. इसके बाद कैंडिडेट अपने स्थाई और वर्तमान पते के आधार पर एग्जाम की लैंग्वेज और एग्जामिनेशन सिटी को बदल सकेगा.साल के अनुसार रजिस्ट्रेशन का आंकड़ासाल के अनुसार रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा पढ़ें
. कैंडिडेट बढ़ने का सिलसिला भी 10 साल बाद थमा : एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा का कहना है कि नीट यूजी परीक्षा में बीते 10 सालों से लगातार कैंडिडेट बढ़ने का सिलसिला जारी था, जो इस साल थम गया है. साल 2015 में 3.74 लाख कैंडिडेट एग्जाम में बैठे थे। इसके बाद लगातार यह रजिस्ट्रेशन बढ़ता रहा। साल 2020 में 15.97 लाख हो गया। इसके बाद यह रजिस्ट्रेशन साल 2024 में अपने रिकार्ड स्तर 24.06 लाख पर था। हालांकि साल 2025 में रजिस्ट्रेशन बढ़ाने की उम्मीद थी, लेकिन झटका लगा और यह रजिस्ट्रेशन 23 लाख के आसपास रहा है। यह लगातार 10 साल बढ़ाने के बाद कम हुआ है।













