नई दिल्ली: पूरे देश में आशा कार्यकर्ता भारत सरकार के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ASHA) के पीछे का विचार हाशिये पर पड़े समुदायों को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से जोड़ना था. आज रह गांव में एक आशा कार्यकर्ता हैं. इनकी संख्या लाखों में है और इन्हें एक निश्चित मानदेय मिलता है. आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है.लंबे समय से इनका मानदेय बढ़ाने की मांग हो रही है. केरल, गुजरात और बिहार समेत अन्य राज्यों में आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया. अब यह मुद्दा संसद में गूंज रहा है. केरल के सांसदों ने मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं के समर्थन में संसद में प्रदर्शन किया और उनका मानदेय बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की मांग की. साथ ही मांग की गई है कि आशा कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में 5 लाख रुपये देने का प्रावधान किया जाए.
बिहार में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शनबिहार में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन (ANI)रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि केरल में आशा कार्यकर्ता पिछले 32 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जो बेहतर मानदेय और सेवानिवृत्ति लाभ की जायज मांग कर रही हैं. दुर्भाग्य की बात है कि न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार उनके साथ बातचीत करने के लिए तैयार है. हमारी मांग है कि भारत सरकार और राज्य सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए.प्रतिदिन सिर्फ 233 रुपये मिल रहा मानदेयइस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य क्षेत्र में पूरे हफ्ते 24 घंटे काम कर रही हैं. केरल में स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं. उन्हें प्रतिदिन सिर्फ 233 रुपये मिल रहे हैं, वो भी नियमित रूप से नहीं मिल रहा है. उन्हें सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिल रहे हैं.
पिछले 30 दिनों से वे केरल सचिवालय के सामने आंदोलन कर रही हैं, इसलिए हमने इन मुद्दे को संसद में उठाया और प्रदर्शन किया.केरल में प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ताकेरल में प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ता ।केरल में आशा कार्यकर्ता एलडीएफ सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. उनकी मांग है कि 21,000 रुपये मासिक मानदेय और 5 लाख रुपये का सेवानिवृत्ति लाभ दिया जाए.केरल में आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलनआंदोलन को देखते हुए, केरल स्वास्थ्य विभाग ने दो महीने की लंबित बकाया राशि जारी करने और मानदेय भुगतान के लिए कुछ पात्रता मानदंडों में ढील देने का फैसला किया है. हालांकि, आशा कार्यकर्ताओं ने पीछे हटने से इनकार कर दिया है और मानदेय में वृद्धि की मांग पर अड़ी हुई हैं.इस बीच, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने हड़ताल पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं को फौरन काम पर लौटने का निर्देश दिया है.












