रायपुर: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस पूरे देश में 2 दिवसीय हड़ताल कर रहे हैं. यह हड़ताल 24 और 25 मार्च को होगी. इस दौरान बैंकों में पूरी तरह से कामकाज ठप रहेगा. देखा जाए तो 22 मार्च से ही बैंक बंद रहेंगे, क्योंकि 22 मार्च को चौथा शनिवार है, इसके दूसरे दिन रविवार और फिर बैंक यूनियंस की सोमवार और मंगलवार को हड़ताल का ऐलान. ऐसे में बैंक से जुड़े जो भी काम हो उसे 21 मार्च तक पूरा कर लें.बैंक यूनियंस क्यों कर रहे हड़ताल: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस 12 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं. इनकी 12 सूत्रीय मांगों में से प्रमुख मांग बैंकों में स्टाफ की भर्ती की जाए, बैंकों में 5 दिनों का वर्किंग रखा जाए, बैंकों में काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों को स्थाई नियुक्ति के अलावा और भी कई मांगें हैं. इस हड़ताल में पूरे देश के 9 संगठन शामिल हो रहे हैं. देश भर के विभिन्न बैंकों में काम करने वाले कर्मचारी और अधिकारियों की संख्या लगभग 8 लाख के करीब है, जो इस हड़ताल में शामिल हो रहे हैं.
बैंक हड़ताल (।अखिल भारतीय बैंक अधिकारी महासंघ (AIBOC) के राज्य सचिव गोपाल कृष्णा ने बताया “12 सूत्रीय मांग को लेकर दो दिवसीय हड़ताल करने वाले हैं. बैंकों में सभी कैडर में रिक्त पदों पर भर्ती की जाए. इसके साथ ही बैंकों में काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को परमानेंट किया जाए. पूरे बैंकिंग सप्ताह में 5 दिन बैंकों में कार्य प्रणाली लागू की जाए. पीएलआई लागू करने के लिए यूनियंस और संगठन को कॉन्फिडेंस में लेकर करना चाहिए. बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों की सुरक्षा जरूरी है. कई बार उनके साथ घटनाएं होने के साथ ही आरोप लगाए जाते हैं और दुर्व्यवहार भी होता है.”गोपाल कृष्णा ने बताया कि जिन बैंकों में खजाना रखा जाता है सिर्फ वहीं पर सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति होती है. बाकी कोई भी बैंक में सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति नहीं होती. सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति एटीएम पर भी नहीं है. बैंकिंग प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए
.दो दिवसीय हड़ताल में शामिल होंगे 9 संगठन: दो दिवसीय हड़ताल में शामिल होने वाले 9 संगठन जिसमें ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज संगठन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर कनफेडरेशन, नेशनल कनफेडरेशन का बैंक यूनियंस, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन, बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, इंडियन नेशनल बैंक एम्पलाइज फेडरेशन, इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस नेशनल ऑर्गेनाइजेशन, बैंक वर्कर्स नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स शामिल हो रहे हैं
.इनकी 12 सूत्रीय मांगों में प्रमुख मांग-बैंकों में सभी वर्गों में पर्याप्त भर्ती की जाएअस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाएसप्ताह में 5 दिनों का वर्किंग प्रणाली बैंकों में लागू किया जाए.अनियंत्रित बैंकिंग के कारण हमले और दुर्व्यवहार बढ़े. अधिकारी कर्मचारियों की सुरक्षा दी जाए.आईबीए के पास लंबित मांगों का जल्द समाधान होसरकारी कर्मचारियों के लिए लागू की गई योजना की तर्ज पर आयकर में छूट के साथ ही ग्रेच्युटी अधिनियम की सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपए होकर्मचारी और अधिकारियों को रियायत शर्तों पर दिए गए कर्मचारी कल्याण लाभ में आयकर की वसूली न की जाए और इसे प्रबंधन वहन करेंसरकार आईडीबीआई बैंक में न्यूनतम 51% इक्विटी पूंजी बनाए रखी जाए.कर्मचारी और अधिकारियों की सेवा शर्तों को प्रभावित करने वाले नीतिगत मामलों पर डीएफएस पीएसबी के माइक्रो मैनेजमेंट को रोका जाए











