/मुरादाबाद- इस साल मुरादाबाद मंडल में गेहूं खरीद प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के लिए खाद्य विभाग ने अनूठी पहल शुरू की है. अब अधिकारी खुद किसानों के घर जाकर उनसे संवाद करेंगे और सहमति मिलने पर टीम के साथ गांव में पहुंचकर गेहूं की खरीद करेंगे. मंडल के 439 गांवों को इस योजना के तहत चिह्नित किया गया है, जहां मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद की जाएगी.बाजार में ऊंची कीमत बनी बड़ी चुनौतीइस बार गेहूं की बाजार कीमत अधिक होने के कारण किसान खुले बाजार में फसल बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं. यह सरकारी खरीद के लिए एक बड़ी चुनौती है. इसे देखते हुए प्रशासन ने दागी केंद्र प्रभारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है.
लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.पिछले साल के किसानों से हो रहा सीधा संपर्कखाद्य विभाग पिछले वर्ष सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों से फोन पर संपर्क कर उन्हें पुनः केंद्रों पर आने के लिए प्रेरित कर रहा है. धान खरीद के समय जिन किसानों ने पंजीकरण कराया था, उनका रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है, ताकि उन्हें फिर से पंजीकरण न कराना पड़े.
मुरादाबाद मंडल के सभी पांच जिलों में मोबाइल क्रय केंद्र बनाए जाएंगे. सबसे ज्यादा केंद्र रामपुर जिले में स्थापित होंगे, जहां 200 गांवों को चयनित किया गया है. इसके अलावा मुरादाबाद के 60 गांव, बिजनौर के 129 गांव, संभल के 35 और अमरोहा के 15 गांवों में भी केंद्र स्थापित किए जाएंगे.किसानों को मिलेगा पूरा सहयोग और समय पर भुगतानसंभागीय खाद्य नियंत्रक शैलेश कुमार ने बताया कि इस बार गेहूं खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. किसानों को न केवल उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि समय पर भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा. प्रशासन की इस पहल से किसानों को राहत मिलेगी और सरकारी खरीद भी सुचारू रूप से चलेगी.













