रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर शीतकाल में हुए हिमपात के दौरान पड़े बड़े-बड़े ग्लेशियरों को काटकर रास्ता तैयार किया जा रहा है. लगभग 70 मजदूर इन ग्लेशियरों को काटने में लगे हुये हैं. धाम सहित पैदल मार्ग में दिन के बाद मौसम खराब हो रहा है, जिसके चलते बर्फ हटाने में भी दिक्कत आ रही है. अब तक मजदूरों की टीम टीएफ प्वाइंट तक बर्फ को साफ कर चुकी है. पैदल मार्ग पर नेटवर्क की सुविधा नहीं होने से संपर्क साधने में परेशानी हो रही है. कार्य की जानकारी देने के लिए जंगलचट्टी आना पड़ रहा है.
एक तरफ आने में ही करीब 5 से 6 किलोमीटर चलना पड़ता है.केदारनाथ यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने की कवायद: दरअसल शीतकाल में केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी हुई है. बर्फबारी के कारण पैदल यात्रा मार्ग के पांच से अधिक स्थानों पर बड़े-बड़े ग्लेशियर बने हुये हैं. दो मई से केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होनी है. ऐसे में प्रशासन स्तर से तैयारियां तेजी के साथ शुरू हो गई हैं. सबसे पहले केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग को आवाजाही के लिए बनाया जा रहा है. लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी के 70 मजदूर पैदल मार्ग को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं. विषम परिस्थितियों में पैदल मार्ग पर बने बड़े-बड़े ग्लेशियरों को काटकर रास्ता तैयार किया जा रहा है. समय पर रास्ता तैयार होने के बाद केदारनाथ धाम में आवश्यक सामग्री पहुंचाई जाएगी. साथ ही धाम में चल रहे द्वितीय चरणों के कार्य को भी शुरू किया जाएगा.
डीएम खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग: जिलाधिकारी डॉ सौरभ गहरवार भी यात्रा व्यवस्थाओं की हर दिन मॉनिटरिंग कर रहे हैं. संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द व्यवस्थाएं बनाये जाने को लेकर निर्देश दे रहे हैं. केदारनाथ पैदल मार्ग पर जुटे मजदूर टीएफ प्वाइंट से आगे तक बर्फ को हटा चुके हैं. अभी हथनी, कुबेर और भैरव ग्लेशियर में ग्लेशियरों को काटकर रास्ता तैयार किया जाना है. विषम परिस्थितियों में लोनिवि गुप्तकाशी के मजदूर रास्ते को बनाने में जुटे हुए हैं.केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बन गए हैं ग्लेशियर: केदारनाथ पैदल मार्ग ग्लेशियर वाले स्थानों पर नेटवर्क की भी कोई सुविधा नहीं है.
ऐसे में मजदूर निर्माण कार्य की जानकारी देने के साथ ही अपने परिचितों से संपर्क साधने के लिए 5 से 6 किलोमीटर दूर जंगलचट्टी पहुंच रहे हैं. पैदल मार्ग पर ग्लेशियरों के आने से रेलिंग और दीवारों को क्षति पहुंची है. पहले मजदूर पैदल मार्ग से बर्फ हटाकर रास्ते को दुरुस्त करेंगे. इसके बाद मजदूरों की दूसरी टीम पैदल मार्ग पर क्षतिग्रस्त रेलिंग और दीवार को दुरुस्त करने का काम करेगी. दिन के बाद केदारनाथ धाम सहित पैदल मार्ग पर मौसम खराब हो रहा है. इस कारण मजदूरों के सामने कार्य करने में परेशानी हो रही है.
रास्ते खुलते ही आवाजाही होगी शुरू: लोनिवि गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता विनय झिंक्वाण ने बताया कि-रास्ता तैयार होते ही केदारनाथ धाम में आवाजाही शुरू हो जाएगी, जिससे आवश्यक सामग्री पहुंचाने के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी. इसके अलावा धाम में द्वितीय चरण के छूटे हुए कार्यों को भी शुरू किया जायेगा. यदि मौसम साथ देता है तो समय पर पैदल यात्रा मार्ग को घोड़े-खच्चरों की आवाजाही के लिये सुचारू कर दिया जाएगा.-विनय झिंक्वांण, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, गुप्तकाशी-
2 मई को खुलेंगे केदारनाथ के कपाट: गौरतलब है कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शूरू हो रही है. केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को खुलेंगे. चारधाम यात्रा के लिए गुरुवार 20 मार्च से रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो चुके हैं. तीर्थयात्रियों में इतना उत्साह है कि पहले ही दिन 1 लाख 65 हजार से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. ये आंकड़ा गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हुए रजिस्ट्रेशन के शाम 5 बजे तक का है. दिलचस्प बात ये है कि सबसे ज्यादा 53,570 तीर्थयात्रियों ने केदारनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है.













