नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने पहली बार बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) को प्रशिक्षण देने का कदम उठाया है. बुधवार को दिल्ली में बूथ स्तर के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण शुरू किया गया. इसके तहत विभिन्न बैच में देश भर के एक लाख से अधिक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी और जमीनी स्तर के चुनाव कार्यकर्ताओं को जरूरी कौशल से प्रशिक्षित किया जाएगा. पहले बैच में बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के बीएलओ दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं.बीएलओ 100 करोड़ मतदाताओं और आयोग के बीच पहला और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, प्रशिक्षण के बाद ये बीएलओ विधानसभा स्तर के मास्टर ट्रेनर बनेंगे. इसका उद्देश्य बीएलओ के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क को मजबूत करना है.
आयोग ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में हर 10 मतदान केंद्रों पर एक बीएलओ को ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जाएगा. ये बीएलओ देश भर में बीएलओ नेटवर्क को मजबूत करने के लिए विधानसभा के बूथ अधिकारियों को ट्रेनिंग देंगे.पहले चरण में इन राज्यों के बीएलओ को प्रशिक्षणआयोग ने कहा कि यह कार्यक्रम चरणों में जारी रहेगा और चुनाव वाले राज्यों पर पहले ध्यान केंद्रित किया जाएगा. वर्तमान में, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के 109 बीएलओ प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं. साथ ही बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के 24 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और 13 जिला चुनाव अधिकारी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं.चुनाव आयोग ने यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बीएलओ को चुनावी कानून के अनुसार उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से परिचित कराने के साथ-साथ मतदाता सूची को त्रुटि रहित बनाने के लिए प्रासंगिक फॉर्म भरने की आवश्यकताओं से उन्हें लैस करने के लिए बनाया है. इसमें बीएलओ को उनके काम में सहायता करने के लिए आईटी तकनीक से भी प्रशिक्षित किया जाएगा.
बीएलओ राज्य सरकार के अधिकारी होते हैं. जिला चुनाव अधिकारियों की मंजूरी के बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा उनकी नियुक्ति की जाती है.बिनी त्रुटि के मतदाता सूची अपडेट करने पर जोरमुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची को बिना त्रुटि के अपडेट करने में ईआरओ और बीएलओ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकारों को एसडीएम स्तर या समकक्ष अधिकारियों को ईआरओ के रूप में नामित करना चाहिए, जो फिर बीएलओ की नियुक्ति करेंगे.सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा, “भारत का चुनाव दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव है. इस चुनाव को संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग 10,50,000 बूथ बनाता है. हर मतदान केंद्र पर एक बूथ लेवल अधिकारी होता है जो मतदाता सूची बनाने में मदद करता है और घर-घर जाकर मतदाता सूची में नामों की जांच करता है. हमने पहली बार एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है. इस प्रशिक्षण में हम 1,00,000 बूथ लेवल अधिकारियों को प्रशिक्षित करेंगे.”सीईसी ने चेतावनी दी कि ईआरओ या बीएलओ के खिलाफ किसी भी शिकायत पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ को मतदाता सूची अपडेट के लिए घर-घर जाकर सत्यापन के दौरान मतदाताओं के साथ विनम्र व्यवहार करना चाहिए.













