नई दिल्ली/ श्रीनगर: पवित्र रमजान महीना खत्म हो रहा है और मुस्लिम समाज के लोग ईद की तैयारी में जुट गए हैं. इस्लामी कैलेंडर के शव्वाल महीने का चांद दिखने के बाद सऊदी अरब और यूएई समेत अरबे कुछ देशों में रविवार को ईद-उल-फित्र की नमाज अदा की गई. तमिलनाडु के मदुरै में भी रविवार को ईद-उल-फित्र की नमाज अदा की गई. भोपाल में बोहरा समुदाय के लोगों ने रविवार को ईद का त्योहार मनाया.
उम्मीद है कि पूरे भारत में सोमवार 31 मार्च को ईद का त्योहार मनाया जाएगा. देशभर में रविवार शाम को शव्वाल का चांद देखा जाएगा. अगर अर्धचंद्र दिखाई देता है तो सोमवार को ईद की नमाज पढ़ी जाएगी. इस संबंध में लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि ईद-उल-फित्र का चांद 30 मार्च को देखा जाएगा और अगर चांद दिखाई देता है, तो ईद 31 मार्च को मनाई जाएगी.
उन्होंने कहा कि इस संबंध में, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें हमने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे ईद के दिन जल्द से जल्द ईदगाह और मस्जिद पहुंचें. सड़कों पर नमाज न अदा करें. ईदगाह के अंदर ही नमाज अदा करें. उन्होंने लोगों से अपील की कि ईद की नमाज के बाद, अपने देश की सुरक्षा और स्थायी शांति और फिलिस्तीन में शांति की स्थापना के लिए दुआ करें.
श्रीनगर के ईदगाह में ईद की नमाज पढ़ाएंगे मीरवाइज
कश्मीर के प्रमुख मौलवी और हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक पुराने श्रीनगर में स्थित ईदगाह में ईद-उल-फित्र की नमाज के दौरान उपदेश देंगे. अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद ने रविवार को एक बयान में कहा, “इस्लामिक परंपरा के अनुसार ईद-उल-फित्र की सामूहिक नमाज ऐतिहासिक ईदगाह श्रीनगर में सुबह 10 बजे अदा की जाएगी. मीरवाइज सुबह 9 बजे ईद का उपदेश देंगे.
ईद का त्योहार पवित्र रमजान महीने के समापन के बाद अगले दिन मनाया जाता है. औकाफ ने उम्मीद जताई कि अधिकारी बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे और लोगों की धार्मिक भावनाओं और अधिकारों का सम्मान करते हुए ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने की सुविधा प्रदान करेंगे. औकाफ ने आग्रह किया कि नमाज को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया जाना चाहिए, जैसा कि हाल ही में शब-ए-कद्र और जुमा-उल-विदा पर देखा गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया.
औकाफ के अध्यक्ष मीरवाइज ने रविवार को व्यवस्थाओं और जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए ईदगाह श्रीनगर का दौरा भी किया













