नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल 2025 से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) चालू हो गई है. पिछले साल नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से घोषित UPS का उद्देश्य केंद्र सरकार के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को निश्चित पेंशन सुरक्षा प्रदान करना है.
इसके साथ ही जो लोग सरकारी नौकरी में हैं और पहले से ही NPS में नामांकित हैं, उनके पास UPS चुनने का अवसर होगा. इतना ही नहीं UPS स्कीम के तहत आने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को न्यूनतम सुनिश्चित भुगतान क्या जाएगा.
UPS के तहत न्यूनतम सुनिश्चित भुगतान कितना होगा?
यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत 10 साल या उससे ज़्यादा की सर्विस के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों को मिनिमम 10 हजार रुपये प्रति महीने का सुनिश्चित भुगतान किया जाता है, बशर्ते कि अंशदान समय पर और नियमित रूप से जमा किया गया हो और कोई निकासी न की गई हो.
यूनिफाइड पेंशन स्कीम में किसे मिलेगी 50 प्रतिशत पेंशन की गारंटी?
यूपीएस के तहत कम से कम 25 साल तक काम करने वाले व्यक्ति को उनके रिटायरमेंट से पहले के अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन मिलेगी. अगर किसी ने 10 साल से ज़्यादा सेवा की है, तो उसे कम से कम 10 हजार रुपये प्रति महीने की पेंशन मिलेगी.
यूपीएस के तहत परिवार को कितना भुगतान मिलता है?
रिटायरमेंट के बाद भुगतान धारक की मृत्यु होने की स्थिति में पेआउट होल्डर्स को उसकी मृत्यु से ठीक पहले मिलने वाले भुगतान का 60 प्रतिशत पारिवारिक भुगतान कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी को सुनिश्चित किया जाएगा.
वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यूपीएस के तहत सुनिश्चित भुगतान का विकल्प सेवानिवृत्ति की तिथि से 10 वर्ष की क्वालिफाइंग सर्विस से पहले रिटायर होने वाले कर्मचारी औरकर्मचारी के सेवा से हटाए जाने या बर्खास्त किए जाने या त्यागपत्र दिए जाने की स्थिति में उपलब्ध नहीं होगा.













