निवेश का सही कद कई बार सुना या देखा होगा कि गर्मी के दिनों में चलती कार में आग लग जाती है. कड़ी धूप के कारण कार में ऐसे हादसे देखने-सुनने को खूब मिलते हैं. इसके पीछे के तमाम तकनीकी कारण हो सकते हैं, जैसे इंजन में खराबी, कूलेंट की कमी, इंजन में ओवर हीटिंग आदि. लेकिन, कई बार हमारी छोटी सी अनदेखी भी कार में आग या विस्फोट का कारण बनती है.
गर्मी में सूरज आग उगलता है. वहीं, तपती सड़क पर दौड़ती कार का इंजन भी एकदम तप रहा होता है. सिर्फ चलती कार ही नहीं, धूप में खड़ी कार का तापमान भी भयंकर होता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि कड़ी धूप में खड़े चार पहिया वाहन का तापमान 50-60 डिग्री तक पहुंच सकता है, जो किसी ओवन से कम नहीं होता. ऐसे में उस कार के अंदर रखी 5 वस्तुएं बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं.
इन पांच चीजों को कार में न छोड़ें तो अच्छा
- चश्मा: चश्मे का लेंस एक मैग्नीफाइंग ग्लास का काम करता है. डैशबोर्ड पर रखे चश्मे के कांच पर जैसे ही धूप पड़ती है, उसके पास रखी वस्तु में आग लगने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे सीट कवर या अन्य ज्वलनशील सामान में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है.
- डिओडोरेंट: यह एक ऐसी वस्तु है जो सभी चार पहिया वाहनों में मौजूद होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपकी गाड़ी के लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है? डिओडोरेंट में गैस होती है, जो ज्यादा तापमान में दबाव बढ़ने से विस्फोट कर सकती है.
- प्लास्टिक की बोतल: घर से निकलते समय जो पहली चीज गाड़ी में रखी जाती है, वह है पानी की बोतल. लेकिन, क्या आपको पता हैं कि गर्मियों में प्लास्टिक की बोतल का पानी जहर से कम नहीं होता? सूरज की गर्मी प्लास्टिक से केमिकल्स रिलीज करती है, जो पानी के साथ शरीर में जाकर सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं. इतना ही नहीं, खाली प्लास्टिक की बोतल सूरज की रोशनी को रिफ्लेक्ट करके कार में आग लगने का कारण भी बन सकती है.
- लाइटर: लाइटर को जितना ज्यादा चार पहिया वाहन से दूर रखा जाए उतना बेहतर होगा, क्योंकि बहुत लोगों को नहीं पता कि कब एक छोटी सी चिंगारी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. गर्मी के कारण लाइटर में भरी गैस फैलने लगती है और अगर यह कार के किसी अन्य वस्तु के संपर्क में आ जाए तो विस्फोट का कारण भी बन सकती है.
- पावर बैंक: पहले भी हमने बैटरी फटने के कई मामले सुने हैं. यह सभी लोगों को पता होता है कि पावर बैंक की प्रवृत्ति गरम होती है. ऐसे में उसका धूप से संपर्क उसे और भी गरम और खतरनाक बना देता है, जिससे विस्फोट होने की संभावना बढ़ जाती है. पावर बैंक गर्मी में ज्यादा गर्म होकर ब्लास्ट कर सकता है. बैटरी ओवरहीट होने से गैस बनने लगती है, जिससे धमाका होने का खतरा रहता है. कई घटनाओं में पावर बैंक की वजह से कारों में आग लगी है, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है.













