दिल्ली के सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्टों में आज, 6 नवंबर 2025 को, बार एसोसिएशनों ने पूर्ण रूप से काम बंद रखा है। यह कदम लिया गया है क्योंकि गुरुग्राम पुलिस द्वारा एक दिल्ली-आधारित वकील Vikram Singh को हत्या के मुकदमें में शामिल करने की कार्रवाई को “न्यायिक पेशे की स्वतंत्रता पर हमला” माना जा रहा है। पंचगंगा हाउस कोर्ट परिसर में 4 नवंबर को हुई बैठक में बार एसोसिएशनों ने दृढ़ निर्णय लिया कि इस तरह की “मनमानी और अवैध” कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और 6 नवंबर को श्रम-प्रदर्शन के स्वरूप में न्यायालयीन कार्यवाही को रोका जाएगा। उन्होंने मांग की है कि वकील सिंह पर लगे सभी आरोप वापस लिए जाएँ और संबंधित मुकदमों के सभी प्रक्रियाओं को तत्काल रोका जाए। बार एसोसिएशन के एक वक्ता ने कहा है कि यह बंद सिर्फ एक विरोध नहीं बल्कि “वकीलों के पेशे की गरिमा और न्याय-प्रणाली की विश्वसनीयता” के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि यदि वकील-प्रतिनिधि सुरक्षा व भरोसे के माहौल में नहीं रहेंगे तो न्याय पहुँचाने की प्रक्रिया प्रभावित होगी। इस घटना का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह सीधे न्यायिक-संस्था, वकील-स्वतंत्रता और पुलिस-प्रशासन के बीच संतुलन के प्रश्न को उठा रही है। यदि ऐसे विवादों पर समय-से समाधान नहीं हुआ तो न्यायालयीन समय-सीमा, वादी-विपक्ष पक्ष दोनों पर असर पड़ सकता है।






