रायपुर, 23 दिसंबर 2025 — छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में पेयजल आपूर्ति को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक की, जिसमें विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने चल रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में बताया गया कि कई क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत नल-जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं, लेकिन कुछ इलाकों में अब भी कार्य अधूरा है, जिसे जल्द पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन गांवों में जल संकट की स्थिति बनी रहती है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकर और अस्थायी जल स्रोतों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने पर भी ध्यान देने को कहा गया।बैठक में यह भी चर्चा हुई कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अभी से तैयारी की जाए, ताकि आने वाले महीनों में लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में जलाशयों, हैंडपंप और पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। सरकार ने यह भी निर्देश दिए कि नई जल योजनाओं में स्थानीय जरूरतों और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाए।ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने बताया कि नल-जल कनेक्शन से महिलाओं और बच्चों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें दूर से पानी लाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे समय की बचत के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।












