रायपुर, 14 जनवरी 2026 — छत्तीसगढ़ में ठंड की स्थिति आज और तीव्र हो गई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में शीतलहर (Cold Wave) की चेतावनी जारी कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आने वाली शीत हवाओं के प्रभाव से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई है और रात के समय तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। खासकर भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगढ़, महासमुंद और छोटे-छोटे ग्रामीण इलाकों में बुज़ुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य-कमजोर लोगों के लिए ठंड गंभीर रूप ले रही है और ज़रूरत से ज़्यादा ठंड से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ा है।स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शीत से जुड़ी बीमारियों — जैसे जुकाम, खाँसी, अस्थमा, निमोनिया और हृदय-सम्बंधी परेशानियाँ — के मामलों पर नजर रखी जाए और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) को अलर्ट मोड पर रखा जाए। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग सुबह-सवेरे तथा देर रात में बाहर न निकलें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और खासकर वृद्धजन तथा शिशुओं को घर के अंदर सुरक्षित रखें।मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने बताया कि पहले से ही कुछ अस्पतालों में शीतलहर से प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, और सरकार ने निर्देश दिए हैं कि इमरजेंसी सुविधाएँ, दवाइयाँ और आवश्यक मेडिकल स्टाफ प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध हों। साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों को भी चेतावनी दी गई है कि वे जरूरत के अनुसार कक्षाओं के समय में परिवर्तन कर सकते हैं ताकि छोटे बच्चों को ज़ोरदार ठंड का सामना न करना पड़े।स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में कंबल वितरण, अलाव व्यवस्था और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स सक्रिय करने की भी घोषणा की है ताकि गरीब और असहाय समुदाय को ठंड से बचाया जा सके। तहसील और पंचायत स्तर पर भी टीमें गठित की गई हैं जो उन इलाकों का दौरा करेंगी जहाँ वैकल्पिक संसाधनों की कमी है।













