नई दिल्ली:– राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार को अंतिम विदाई देने के लिए पार्टी ने एक भव्य और भावुक पहल की है। बुधवार को एनसीपी की युवा इकाई ने चार दिवसीय राष्ट्रव्यापी ‘अस्थि कलश यात्रा’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस यात्रा का उद्देश्य अजित पवार के विजन और उनकी विचारधारा को देश के कोने-कोने तक पहुंचाना है।
दिल्ली से शुरू हुआ सफर, 10 राज्यों से गुजरेगी यात्रा
पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस यात्रा की शुरुआत दिल्ली स्थित एनसीपी मुख्यालय में आयोजित एक विशेष प्रार्थना सभा के साथ हुई। यह यात्रा 7 फरवरी तक जारी रहेगी और भारत के 10 से अधिक राज्यों से होकर गुजरेगी। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर शोक सभाएं आयोजित की जाएंगी, जहां समर्थक और आम नागरिक अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
बेटे पार्थ पवार ने सौंपी अस्थियां
इस भावुक सफर की नींव मंगलवार को बारामती में रखी गई। दिवंगत नेता के पुत्र पार्थ पवार ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के बाद अस्थि कलश पार्टी की युवा इकाई के पदाधिकारियों को सौंपे। इस मौके पर पार्थ ने कहा, “अजित पवार का नेतृत्व और उनकी विचारधारा केवल महाराष्ट्र की सीमाओं तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे देश में उनके प्रशंसकों का एक बड़ा वर्ग है जो उन्हें अंतिम विदाई देना चाहता था।”
कश्मीर से कन्याकुमारी तक विसर्जन अजित पवार की अस्थियों को देश की पवित्र नदियों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विसर्जित किया जाएगा। विसर्जन के मुख्य पड़ाव इस प्रकार हैं:
उत्तराखंड: हरिद्वार में हर की पौड़ी।
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज का संगम और वाराणसी का मणिकर्णिका घाट।
अन्य स्थान: पटना (बिहार), झारखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु के कन्याकुमारी।
दिल्ली में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के श्रद्धांजलि समारोह में, NCP के राष्ट्रवादी यूथ कांग्रेस के नेशनल प्रेसिडेंट, धीरज शर्मा ने कहा कि आज पार्टी की तरफ मैं हमारे सम्मानित नेता अजित दादा पवार को श्रद्धांजलि देना चाहता हूं। आज हमने उन्हें अपनी संवेदनाएं दी हैं। साथ ही, नेशनलिस्ट यूथ कांग्रेस ने यह तय किया है कि हम दादा की कलश यात्रा कश्मीर से कन्याकुमारी तक निकालेंगे।
विचारधारा का प्रसार है मुख्य उद्देश्य
पार्टी का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि अजित पवार के उन मूल्यों को दोहराने का माध्यम है जिसके लिए वे जाने जाते थे। यात्रा के दौरान होने वाली सभाओं में विकास, किसानों का कल्याण और सामाजिक न्याय से संबंधित उनके कार्यों और विचारों पर चर्चा की जाएगी। 28 जनवरी को बारामती में हुए दुखद विमान हादसे ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था, और अब यह यात्रा उन्हें एक राष्ट्रीय नायक के रूप में विदा करने का प्रयास है।













