नई दिल्ली:– रूस के उफा शहर में स्थित बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में भारतीय छात्रों पर हमले की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इस हमले में चार भारतीय मेडिकल छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जिससे विदेशों में पढ़ रहे छात्रों के बीच डर का माहौल है। विदेशों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक औपचारिक पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। छात्रों के संगठन ने केंद्र सरकार से छात्रों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए कड़े राजनयिक कदम उठाने की अपील की है।
हमले की पूरी कहानी
खबरों के अनुसार रूस के उफा शहर में एक 15 साल का लड़का चाकू लेकर विदेशी छात्रों के हॉस्टल में घुस गया था। उसने वहां मौजूद छात्रों पर अंधाधुंध हमला करना शुरू कर दिया जिसमें कुल 8 लोग घायल हो गए। इस हिंसक घटना में 4 भारतीय छात्र और 2 रूसी पुलिस अधिकारी भी बुरी तरह जख्मी हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों पर वार
हमलावर इतना आक्रामक था कि उसने गिरफ्तारी के दौरान उसे पकड़ने आए दो रूसी पुलिस अधिकारियों को भी चाकू मार दिया। इस पूरी अफरा-तफरी के दौरान आरोपी ने खुद को भी घायल कर लिया जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। वर्तमान में रूसी प्रशासन इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है ताकि हमले के कारणों का पता चले।
छात्रों के बीच असुरक्षा
AIMSA ने अपने पत्र में चिंता व्यक्त की है कि ऐसी घटनाएं न केवल भारतीय छात्रों के जीवन को खतरे में डालती हैं बल्कि सम्मान को भी ठेस पहुंचाती हैं। इस हमले के बाद रूस में पढ़ रहे हजारों अन्य भारतीय मेडिकल छात्रों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। संगठन का मानना है कि ऐसे समय में सरकार का समर्थन छात्रों के मनोबल को बढ़ाने के लिए आवश्यक है।
राजनयिक हस्तक्षेप की मांग
एसोसिएशन ने भारत सरकार से विनम्र निवेदन किया है कि वह संबंधित रूसी अधिकारियों के साथ तत्काल संवाद स्थापित करे ताकि दोषियों को सजा मिले। उन्होंने घायल छात्रों के लिए उचित न्याय और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। प्रधानमंत्री से की गई इस अपील में सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
मजबूत सपोर्ट सिस्टम
AIMSA ने मांग की है कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए एक बेहतर स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी सिस्टम को वैश्विक स्तर पर इतना मजबूत किया जाए कि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। छात्रों का कहना है कि उनकी सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए क्योंकि वे देश का भविष्य हैं।
रूस हमेशा से भारतीय छात्रों के लिए मेडिकल की पढ़ाई के मामले में एक पसंदीदा गंतव्य रहा है जहां हर साल हजारों छात्र प्रवेश लेते हैं। हालिया हमले ने उन अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है जिनके बच्चे वहां शिक्षा प्राप्त करने के लिए रह रहे हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस के हॉस्टल में घुसकर हुई इस चाकूबाजी ने सुरक्षा इंतजामों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
न्याय की पुकार
मेडिकल छात्रों के संगठन ने पत्र में लिखा है कि छात्रों पर हुए इस हिंसक हमले से उन्हें गहरी पीड़ा और चिंता हुई है। वे चाहते हैं कि सरकार न केवल इस मामले की जांच करवाए बल्कि यह भी सुनिश्चित करे कि दोबारा ऐसा न हो। भारतीय समुदाय अब रूस की जांच एजेंसी द्वारा की जा रही कार्रवाई पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।













