छत्तीसगढ़ :– मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सोमवार को एक अभूतपूर्व सामाजिक आयोजन संपन्न हुआ। प्रदेशभर में एक ही दिन में 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया, जिससे यह आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का मुख्य आयोजन रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में हुआ, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में 1,316 जोड़ों ने सात फेरे लिए।
जनप्रतिनिधि बने बाराती, नवदंपतियों को मिला आशीर्वाद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक तथा निगम-मंडल के अध्यक्ष शामिल हुए। सभी जनप्रतिनिधि पारंपरिक वेशभूषा में बाराती की भूमिका निभाते नजर आए। मुख्यमंत्री ने मंच से नवविवाहित जोड़ों को सुखद दांपत्य जीवन के लिए आशीर्वाद दिया।
35 हजार की आर्थिक सहायता, विवाह पर खर्च हुए 15 हजार
योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की राशि सीधे खाते में दी जा रही है, वहीं 15 हजार रुपये विवाह आयोजन और उपहार सामग्री पर खर्च किए गए। बलौदाबाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से समारोह से जुड़े।
सामाजिक एकता की मिसाल बना आयोजन
इस सामूहिक विवाह में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और बैगा जनजाति सहित विभिन्न समाजों के जोड़े शामिल हुए। इसके साथ ही 6 आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों का विवाह भी इसी मंच से कराया गया। गरियाबंद जिले के चार तथा सुकमा और दंतेवाड़ा के एक-एक जोड़े ने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन दंपतियों से बातचीत कर शुभकामनाएं दीं।
कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआत
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ भी किया। पहले चरण में 6 माह से 52 माह तक के 40 हजार कुपोषित बच्चों को योजना से जोड़ा जाएगा। अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों से की जाएगी।
मंच से हल्का-फुल्का राजनीतिक अंदाज
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मंच से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को लेकर मजाकिया टिप्पणी करते हुए कहा कि अगली बार कन्या विवाह योजना में उनका विवाह भी कराया जाएगा, जिस पर समारोह में मौजूद लोग मुस्कुरा उठे।
मुख्यमंत्री साय का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह योजना वर्ष 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में शुरू हुई थी, जिसने बेटियों की शादी से जुड़ी आर्थिक चिंताओं को दूर किया। उन्होंने कहा कि एक ही दिन में हजारों शादियों का आयोजन सामाजिक सौहार्द और सरकारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।













