उत्तर प्रदेश :– आगामी चुनावों की तैयारियों और मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग जुटा हुआ है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की वोटर लिस्ट के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) को लेकर सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। 22 फरवरी 2026 (रविवार) को प्रदेश के समस्त मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) पर ‘विशेष अभियान दिवस’ आयोजित किया जाएगा। इस दिन सभी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 01:30 बजे तक अपने-अपने केंद्रों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इस तीन घंटे की अवधि में मतदाता अपने पहचान पत्र से जुड़े दावों और आपत्तियों का निस्तारण करा सकेंगे।
मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने पर जोर
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एसआईआर (Standard Information Report) के तहत लंबित मामलों को निपटाना और मतदाता सूची को अधिक सटीक व पारदर्शी बनाना है। नवदीप रिणवा ने निर्देश दिया है कि सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) को इस अभियान की सूक्ष्म निगरानी करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि मतदाता सूची ही लोकतंत्र की बुनियादी ईकाई है।
आम नागरिकों से अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि जिनकी आयु 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो रही है, वे अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए इस विशेष अवसर का लाभ उठाएं। इसके अलावा, यदि किसी मतदाता के नाम, पते या अन्य विवरण में कोई त्रुटि है, तो वे भी रविवार को बूथ पर जाकर सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रशासनिक सतर्कता और निगरानी
अभियान को सफल बनाने के लिए तहसील और जिला स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो रविवार को बूथों का औचक निरीक्षण करेंगी। एसआईआर के तहत जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे या जिनके सत्यापन की प्रक्रिया लंबित थी, उनके लिए यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस विशेष अभियान के माध्यम से एक भी पात्र नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी से वंचित न रहे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और सुगमता
विशेष अभियान के साथ-साथ निर्वाचन आयोग ने डिजिटल माध्यमों पर भी जोर दिया है ताकि जो लोग बूथ तक नहीं पहुंच सकते, वे घर बैठे अपने रिकॉर्ड अपडेट कर सकें। ‘वोटर हेल्पलाइन ऐप’ और ‘नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल’ (NVSP) के माध्यम से मतदाता अपनी एसआईआर रिपोर्ट की स्थिति देख सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रविवार के इस विशेष कैंप में बीएलओ के पास न केवल फिजिकल फॉर्म उपलब्ध होंगे, बल्कि वे ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के सत्यापन की प्रक्रिया को भी मौके पर ही आगे बढ़ाएंगे।
इससे डेटा एंट्री में होने वाली मानवीय भूलों की संभावना कम होगी और मतदाताओं को त्वरित डिजिटल पावती (Acknowledgement) भी प्राप्त हो सकेगी। आयोग का लक्ष्य है कि इस प्रगाढ़ पुनरीक्षण के माध्यम से डुप्लिकेट और मृत मतदाताओं के नाम पूरी तरह हटाकर एक ‘क्लीन और अपडेटेड’ डेटाबेस तैयार किया जाए।













