छत्तीसगढ़:– अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी इस बार छत्तीसगढ़ को मिली है। अखिल भारतीय पुलिस कंट्रोल बोर्ड नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन 23 फरवरी से 27 फरवरी तक भिलाई में किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित आयोजन खेल परिसर प्रथम वाहिनी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल भिलाई में होगा, जहां देशभर से आई पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय सुरक्षा बलों सहित आईबी, रॉ, सीबीआई जैसे संगठनों की कुल 29 टीमें भाग ले रही हैं। लगभग 450 टीम मैनेजर, कोच और खिलाड़ी इस आयोजन में शामिल होंगे। प्रतियोगिता में तीरंदाजी के अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और अनुभवी कोच भी भाग लेंगे, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और रोमांच दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
तीरंदाजी के तीन प्रमुख इवेंट—इंडियन राउंड, रिकर्व और कंपाउंड—में अलग-अलग वर्गों में मुकाबले होंगे। कुल 180 पदकों के लिए खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करेंगे। छत्तीसगढ़ पुलिस के भी 12 खिलाड़ी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं, जिनसे राज्य को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
आयोजन की तैयारियों को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के डीआईजी सदानंद कुमार को संपूर्ण आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खिलाड़ियों और अधिकारियों के आवास तथा भोजन की व्यवस्था प्रथम वाहिनी परिसर में की गई है। बाहर से आने वाले प्रतिभागियों का छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा गमछा और गुलदस्ता भेंटकर आत्मीय स्वागत किया जा रहा है।
राजस्थान के 22, उत्तर प्रदेश के 31, जम्मू-कश्मीर के 13, पंजाब के 8, आईटीबीपी के 25 और एसएसबी के 17 खिलाड़ियों के आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल है।
23 फरवरी को गृहमंत्री विजय शर्मा प्रतियोगिता का उद्घाटन करेंगे, जबकि 27 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समापन समारोह में शामिल होंगे और विजेताओं को सम्मानित करेंगे। पुलिस मुख्यालय नया रायपुर द्वारा आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है, जिसकी नियमित समीक्षा वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।
भिलाई में होने जा रहा यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की मेजबानी और संगठन क्षमता को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा।












