नई दिल्ली:– मार्च का महीना शुरू होते ही चिलचिलाती धूप ने दस्तक दे दी थी, लेकिन अब कुदरत के तेवर बदलते नजर आ रहे हैं। अगर आप भी पिछले कुछ दिनों से बढ़ती तपिश से परेशान थे, तो आपके लिए राहत और थोड़ी चिंता की खबर एक साथ आई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के एक बड़े हिस्से, यानी लगभग 25 राज्यों के लिए मौसम का “येलो और ऑरेंज अलर्ट” जारी कर दिया है। सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ ने उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर तक के आसमान में हलचल पैदा कर दी है, जिससे अगले कुछ दिनों तक आंधी, बिजली और झमाझम बारिश का दौर बना रहेगा। एक आम नागरिक के लिए यह बदलाव न केवल गर्मी से राहत लाएगा, बल्कि यात्रा और दैनिक कामकाज में सावधानी बरतने का संकेत भी दे रहा है।
मौसम में यह व्यापक और अचानक बदलाव किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है। भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उत्पन्न होकर उत्तर भारत तक पहुंचने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय पंजाब के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम भी प्रभावी है, जिससे बादलों का निर्माण और वर्षा गतिविधियां तेज हुई हैं।
इसका सीधा असर हमारे पहाड़ी राज्यों पर पड़ रहा है, जहां जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल के धर्मशाला और मनाली जैसे इलाकों में पिछले 24 घंटों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहां के तापमान में अच्छी-खासी गिरावट आई है। 17 मार्च की रात से सक्रिय हुए इस नए तंत्र के कारण आने वाले दिनों में मौसम और अधिक उथल-पुथल भरा रहने की आशंका है।
कहां-कहां मंडरा रहा खतरा?
मौसम विभाग की चेतावनी केवल हल्की बूंदाबांदी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह काफी गंभीर हो सकती है। आने वाले दो-तीन दिनों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं, जो कभी-कभी 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 19 और 20 मार्च के दौरान गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना जताई गई है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, जैसे असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तो भारी बारिश का ‘अलर्ट’ है, जहां कुछ स्थानों पर 115.5 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। मध्य भारत में भी अगले कुछ दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट संभव है, जो तपती गर्मी के बीच एक बड़ा उलटफेर साबित होगा।
क्या कहता है IMD पूर्वानुमान?
देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में रहने वालों के लिए भी यह सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। 18 मार्च की रात से दिल्ली-एनसीआर में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी शुरू होने की उम्मीद है, जो 20 मार्च तक रुक-रुक कर जारी रह सकती है। इससे दिल्लीवासियों को फिलहाल तेज गर्मी से निजात मिलेगी और तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।
हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में जहां अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी देखी जा रही थी, वहीं इस विक्षोभ के प्रभाव से अगले दो दिनों में पारे में 4 से 7 डिग्री तक की बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। उत्तर प्रदेश में 20 मार्च को मौसम सबसे ज्यादा उग्र रह सकता है, जबकि बिहार में 21 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा।
एक तरफ जहां महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में पारा 40.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, वहीं उत्तर और पूर्वी भारत अब बारिश की आगोश में होगा। आम जनता के लिए यह समय स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का भी है, क्योंकि तापमान में यह अचानक आने वाली गिरावट और उछाल मौसमी बीमारियों को न्योता दे सकती है।













