नई दिल्ली:– देश की भावी विकास योजनाओं का आधार बनने वाली जनगणना 2027 की प्रक्रिया राज्य में शुरू होने जा रही है। अभियान के पहले चरण में मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य एक मई से प्रारंभ होगा, जो 30 मई तक चलेगा।
प्रगणक घर-घर जाकर न केवल मकानों की संख्या गिनेंगे, बल्कि आमजन के जीवन स्तर और उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत डेटा भी जुटाएंगे।
नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प दिया गया है
जनगणना में तकनीक का विशेष समन्वय देखने को मिलेगा। नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प दिया गया है। इच्छुक परिवार 16 से 30 अप्रैल के बीच निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक विशिष्ट आइडी मिलेगी, जिसे प्रगणक के आने पर दिखाना होगा। इससे डेटा दर्ज करने की प्रक्रिया अधिक तेज और सटीक हो जाएगी।
सर्वेक्षण के दौरान पूरी कुंडली खंगालेगी सरकार
सर्वेक्षण के दौरान प्रगणक प्रत्येक आवासीय और गैर-आवासीय भवन की स्थिति की जांच करेंगे। इसमें प्रमुख रूप से मकान की प्रकृति कच्चा, पक्का या अर्ध पक्का का विवरण लिया जाएगा। इसके साथ ही बुनियादी सुविधाओं में पेयजल का स्रोत, शौचालय, बिजली कनेक्शन और रसोई गैस (ईंधन का प्रकार) की जानकारी जुटाई जाएगी।












