छत्तीसगढ़ :– जनगणना दो चरणों में होगी. पहले चरण 16 से 30 अप्रैल तक, जबकि 1 से 30 मई तक मकानों की गणना की जाएगी. 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे, जिसकी जानकारी अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी.
छत्तीसगढ़ में दो चरणों में जनगणना होगी. 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना और 1 मई से 30 मई तक मकानों की गणना की जाएगी. इसके लिए 1 मई से प्रगणक डोर-टू-डोर जाएंगे. छत्तीसगढ़ के अपर मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ में जनगणना के नोडल अधिकारी मनोज पिंगुआ और जनगणना निदेशालय छत्तीसगढ़ के निदेशक कार्तिकेय गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी.
ये है छत्तीसगढ़ में जनगणना का शेड्यूल
जनगणना का काम छत्तीसगढ़ में 2 चरणों में होगा. 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की प्रक्रिया होगी. 1 मई से 30 मई की अवधि में होगी मकानों की गणना की जाएगी. जिसके लिए प्रगणक घर जाकर जनगणना के 33 प्रश्न पूछेंगे. जनगणना के लिए 62 हजार 500 अफसर कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. 47 जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तर के अधिकारी होंगे. 472 चार्ज अधिकारी, 1160 मास्टर ट्रेनर्स, 51 हजार 300 प्रगणक होंगे. 9000 पर्यवेक्षकों की भी गणना के लिए ड्यूटी लगाई गई है. जनगणना 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों, 252 तहसीलों और 19978 गांवों में की जाएगी
मकान सूचीकरण और मकानों की गणना
भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई तक होगा. यह चरण जनगणना प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है, जिसके माध्यम से प्रत्येक आवासीय और गैर-आवासीय भवन, मकान की स्थिति, उपयोग और उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी. डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इस बार आम जनता की सुविधा के लिए स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है. इच्छुक नागरिक 16 से 30 अप्रैल के बीच निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपने परिवार और मकान से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं. स्व-गणना करने वाले परिवारों को एक स्व-गणना आईडी दी जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी होगा और प्रगणक के आने पर प्रगणकों को देना होगा. भरी जानकारी की पुष्टि के बाद प्रगणक उसे सब्मिट कर देगा.
इन बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी
प्रत्येक भवन और मकान की संख्या, स्थिति और प्रकार, मकान का उपयोग, (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य), निर्माण की प्रकृति (कच्चा/पक्का/अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या और उनके आवासीय विवरण, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, जैसे- पेयजल की उपलब्धता, शौचालय की सुविधा, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस/ईंधन का प्रकार, इंटरनेट/संचार सुविधाएं यह जानकारी इकट्ठा की जाएगी. प्रगणक निर्धारित अवधि के दौरान प्रत्येक घर पर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे. प्रगणक अधिकृत पहचान पत्र के साथ जाएंगे, जिसकी पुष्टि नागरिकों द्वारा की जा सकती है.
गोपनीय रखी जायेगी जनगणना की जानकारी
जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी. इस जानकारी का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों और नीतिगत निर्णयों के लिए किया जाएगा. किसी भी व्यक्ति विशेष की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.
ऐसी होगी निगरानी की व्यवस्था
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे. वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा. शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन/ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध होगी. जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के निदेशक ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें













