नई दिल्ली :– मानसून सत्र की शुरुआत से पहले आज संसद के बाहर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने “चंदा चोर गद्दी छोड़” के नारे लगाते हुए और हाथों में पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सरकार पर बड़ा हमला माना जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “बात वही है। जो लोग ‘दान-पात्र’ की सुरक्षा नहीं कर पाए और जो श्रद्धा से दिए गए चढ़ावे की रक्षा नहीं कर सके, उनसे पेपर लीक रोकने या परीक्षा रद्द न होने देने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? संदेश साफ है, जो लोग आस्था के साथ खिलवाड़ करने में सक्षम हैं, वे हमारे युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। सरकार खुद ही सबसे बड़ा संकट है।”
डिंपल यादव ने लगाए आरोप
संसद का मॉनसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर कहा, “पूरा देश इस मुद्दे से वाकिफ है। राम मंदिर से जुड़ा कथित चोरी का मामला, जिसमें हजारों करोड़ रुपये शामिल हैं, कोई मामूली चोरी नहीं है। यह एक तरह से करोड़ों भारतीयों की आस्था और उनकी श्रद्धा की चोरी है। इस सरकार ने कहीं न कहीं लोगों की धार्मिक भावनाओं और जज्बातों को ठेस पहुंचाई है।”
डिंपल यादव
लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणी पर डिंपल यादव ने कहा, “वहां कोई विवाद नहीं था। मैं सदन में मौजूद थी और ऐसी कोई घटना नहीं हुई। लेकिन बीजेपी सांसद असली मुद्दे नहीं उठाते। सड़कों पर बच्चों की पिटाई हुई।”
डिंपल यादव ने आगे कहा, “क्या बीजेपी के किसी एक भी सांसद ने खून-खराबे, छात्रों पर लाठीचार्ज या AK-47 राइफल, पैलेट गन और लोहे की कीलें लगी लाठियों के कथित इस्तेमाल के बारे में बात की? क्या बीजेपी के किसी एक भी सांसद ने देश के युवाओं, हमारे छात्रों या ‘जेन जी’ (Gen Z) के लिए आवाज उठाई? क्या किसी ने कुछ कहा? वे ऐसे मुद्दों पर चुप रहना पसंद करते हैं। तब उनकी आवाज कहां गायब हो जाती है? यही असली सवाल है।”










