मध्य प्रदेश :– राजधानी भोपाल में किसानों का प्रदर्शन तेज हो गया है। सरकार से अपनी मांगे मंगवाने आए किसानों ने आज अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान नवभारत लाइव से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि हम किसान भोपाल की जनता को परेशान करने नहीं आए बल्कि अपनी मांगे मनवाने आए हैं।
इस बीच जब उनसे पूचा गया कि यह अर्धनग्न प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है, तब उन्होंने साफ कहा कि हमारे कपड़े सरकार ने उतार दिए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार महिला विरोधी, युवा विरोध और किसान विरोधी है। उन्होंने भोपाल की जनता से अपील करते हुए कहा कि वह उनका सहयोग करें, अगर वह उनका सहयोग करेंगे तो किसान हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
चुनाव आने दो हमें सब याद रहेगा- नाराज किसान
जब नवभारत लाइव के संवाददाता ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर रहे किसानों से सवाल पूछा कि वह इस तरीके का प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं। तो उन्होंने साफ कहा कि यह कपड़े हमने नहीं उतारे हैं बल्कि सरकार ने हमारे कपड़े उतार दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आने दो हमें यह सब याद रहेगा और हम सरकार को भी यह याद दिलाएंगे।
‘प्रदर्शन करना किसानों की मंजबूरी’
बता दें कि अपनी मांगो को लेकर राजधानी भोपाल में सरकार के खिलाफ अड़े किसानों ने कहा कि प्रदर्शन करना हमारी मजबूरी बन गया है। हम बहुत समय से अपने-अपने जिलों में प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन जब हमारी बात नहीं सुनी गई तब हमें इस तरह से राजधानी में आना पड़ा।
बता दें कि किसानों की मुख्य मांगे हैं- मूंग की 100 फीसदी सरकारी खरीदी, फसलों के उचित दाम और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हजारों किसान सड़कों पर उतर आए। गौरतलब है कि, संयुक्त किसान मोर्चा की ‘किसान क्रांति पैदल यात्रा’ कल जैसे ही भोपाल पहुंची, किसानों और पुलिस के बीच कई जगह टकराव की स्थिति बनी। किसानों ने एक के बाद एक बैरिकेडिंग तोड़ते हुए राजधानी में प्रवेश किया और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। आंदोलन में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी।







