नई दिल्ली:– भगवान के मंदिर में प्रतिदिन कई श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में उनकी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आसानी से मिल सकें, इसके लिए मंदिर परिसर में कई दुकानें संचालित होती हैं। लेकिन कई बार कुछ दुकानदार ज्यादा मुनाफे के चक्कर में सामान तय कीमत से अधिक दामों में बेचते हैं। इससे श्रद्धालुओं को सामान महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है। वहीं, जब दुकानों पर तय कीमत से ज्यादा वसूली की शिकायत सामने आए और शिकायत के बाद भी ट्रस्ट की ओर से कोई कार्रवाई न हो, तो मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंच सकता है।
दरअसल, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में स्थित अन्नावरम मंदिर परिसर से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां पानी की बोतल पर MRP से सिर्फ 7 रुपये ज्यादा वसूलने वाले दुकानदार पर उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दुकानदार को शायद अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि 7 रुपये की यह अतिरिक्त वसूली उस पर इतनी भारी पड़ेगी।
18 रुपये की बोतल 25 रुपये में बेची
मिली जानकारी के अनुसार, काकीनाडा जिले के पीठापुरम इलाके में रहने वाले भक्त डी. वेंकटेश्वर राव 22 फरवरी को अन्नावरम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने सत्यगिरी पहाड़ी पर स्थित ‘सत्यदेव फैंसी, कोकोनट्स, एंड कूल ड्रिंक्स’ नाम की दुकान से पानी की बोतल खरीदी।बोतल पर MRP 18 रुपये दर्ज थी, लेकिन दुकानदार ने इसके लिए भक्त से 25 रुपये लिए। इस तरह बोतल की निर्धारित कीमत से 7 रुपये अधिक वसूले गए।
मंदिर अधिकारियों से भी की शिकायत
MRP से ज्यादा पैसे लिए जाने के बाद भक्त ने दुकानदार से इस संबंध में बात की। दुकानदार के नहीं मानने पर उन्होंने मामले के सबूत के साथ व्हाट्सएप के जरिए अन्नावरम मंदिर के अधिकारियों को औपचारिक शिकायत भेजी।
हालांकि, शिकायत के बावजूद ट्रस्ट की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों की ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद भक्त ने काकीनाडा डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के बाद आयोग ने लगाया भारी जुर्माना
शिकायत मिलने के बाद काकीनाडा डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने मामले की जांच की। जांच में आयोग ने माना कि दुकानदार ने पानी की बोतल की निर्धारित MRP से अधिक रकम वसूली थी।इसके बाद आयोग अध्यक्ष चौ. रघुपति वसंत कुमार और सदस्य चक्का सुशी तथा चगंती नागेश्वर राव ने मामले में आदेश जारी किया।
आदेश के अनुसार दुकानदार को:
₹7 — अतिरिक्त वसूली की रकम वापस करनी होगी।
₹10,000 — मानसिक परेशानी के मुआवजे के तौर पर देने होंगे।
₹5,000 — मुकदमे के खर्च के रूप में चुकाने होंगे।
₹7,00,000 — कंज्यूमर वेलफेयर फंड में जमा करने होंगे।
45 दिनों के भीतर करना होगा भुगतान
कमीशन ने निर्देश दिया है कि आदेश जारी होने के 45 दिनों के भीतर पूरी रकम का भुगतान किया जाए। ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यानी पानी की बोतल पर ₹7 की अतिरिक्त वसूली से शुरू हुआ यह मामला अब ₹7 लाख के जुर्माने तक पहुंच गया है। उपभोक्ता आयोग के इस फैसले में दुकानदार के साथ-साथ शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों को भी स्पष्ट संदेश दिया गया है।









