नवरात्रि की नवमी के अगले दिन दशहरा का पर्व मनाया जाता है. हर साल के आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को दशहरा का पर्व मनाया जाता है. इस बार यह पर्व आज मनाया जा रहा है. दशहरा को हिंदू धर्म में काफी बड़ा त्योहार माना जाता है. इस दिन भगवान श्रीराम ने माता सीता को लंकापति रावण की कैद से मुक्ति दिलाई थी. वहीं, मां दुर्गा ने दशहरा के दिन महिषासुर राक्षस का वध किया था।
इस पावन पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है. दशहरा के दिन सुख और समृद्धि पाने के लिए कई सारे उपाय किए जाते हैं. मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने रावण को युद्ध में हराने के लिए मां अपराजिता का पूजन किया था. इस कारण विजयादशमी के दिन अपराजिता देवी और शस्त्रों की भी पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ आसान से उपायों को करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और धन-दौलत में वृद्धि के योग बनते हैं।
धन लाभ के लिए करें ये उपाय
दशहरा के दिन मां लक्ष्मी को अपराजिता के फूल अर्पित करना चाहिए. इसके बाद इन फूलों को तिजोरी या फिर पर्स में रख लें. ऐसा करने से कभी भी धन की कमी नहीं होती है।
गृहक्लेश से मिलता है छुटकारा
अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो विजयादशमी के मौके पर एक बर्तन में पानी भरकर रख लें. अब इसमें अपराजिता के 7 फूल डाल दें और इसे घर के ईसान कोण में रख दें. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर की दरिद्रता दूर हो जाती है और गृह क्लेश से छुटकारा मिल जाता है।
आर्थिक स्थिति में होता है सुधार
दशहरा के दिन चंद्रदेव को अपराजिता के फूल अर्पित करने चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में आर्थिक स्थिति बेहतर होती है और धन दौलत में भी वृद्धि होती है।
सुख-सौभाग्य में होती है वृद्धि
ज्योतिष के अनुसार दशहरा के दिन नहाते समय पानी में पांच अपराजिता के फूल मिलाकर नहाएं. ऐसा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है और सभी कार्यों में व्यक्ति का भाग्य साथ देने लगता है।
व्यापार में तरक्की के लिए करें ये उपाय
दशहरा के दिन अपराजिता के 11 फूलों की एक माला तैयार करें और इसको घर के मंदिर में चढ़ाएं. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और धन संबंधी समस्याओं के साथ ही व्यापार भी अच्छा चलने लगता है।











