मध्यप्रदेश:- ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अशुभ होने पर यह मानसिक तनाव का कारण बनता है. इसके अतिरिक्त राहु-केतु भी तनाव को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं. इससे तनाव के साथ ही भम्र की स्थिति भी पैदा होती है. इसी तरह शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से भी व्यक्ति के काम में बाधा उत्पन्न होती है, जिससे वो परेशान रहता है.
ज्योतिष में ऐसा माना जाता है कि, व्यक्ति का पूरा जीवन ग्रहों की चाल और स्थिति पर ही निर्भर करता है. ऐसे में ग्रहों की अशुभा के कारण व्यक्ति को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है. आइये जानते हैं तनाव, अवसाद या डिप्रेशन को कम करने के ज्योतीषीय उपाय.
चांदी के गिलास में पानी पिएं: मानसिक तनाव के ग्रसित लोगों को चांदी के ग्लास से पानी पीना चाहिए. डिप्रेशन को कम करने का यह सबसे सरल उपाय है, जिसे वैदिक ज्योतिष में भी फलदायी माना गया है. इसका कारण यह है कि, चंद्रमा को जल तत्व का कारक ग्रह भी माना जाता है. ऐसे में चांदी के पात्र में पानी रखने से चंद्रमा को बल मिलता है और इस जल का सेवन करने से सकारात्मक सोच और प्रसन्नता बढ़ती है.
डिप्रेशन जैसी स्थिति में भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए. आप सोमवार का व्रत भी रख सकते हैं. इससे आपको बहुत लाभ मिलेगा. भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने सिर में विराजमान रखा है. शिवजी की कृपा से चंद्रमा आपके मानसिक तनाव को कम करेंगे.
ऐसे लोग जो मानसिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें अपने दाहिने हाथ में सोमवार के दिन चांदी का कड़ा धारण करना चाहिए. लेकिन यह सुनिश्चित कर लें कि इसमें कोई जोड़ न हो.
इस मंत्र का जाप करें
सरल शिव मंत्र यानी ‘ऊँ नमः शिवाय’ का प्रतिदिन 108 बार जाप करना भी डिप्रेशन के रोगियों के लिए बहुत उपयोगी है. अवसाद को कम करने का यह भी बहुत सरल ज्योतिष उपाय है, जिससे सकारात्मक परिणाम मिलते हैं.
माता और बड़ों का सम्मान करें
चंद्रमा किसी जातक की कुंडली में मां का कारक भी है. ऐसे में चंद्रमा को मजबूत रखने के लिए आपको मां का सम्मान करना चाहिए. यदि माता न हो तो आसपास किसी बुजुर्ग महिला का भी सम्मान करें. साथ ही सोमवार के दिन चावल,चीनी, दूध या सफेद रंग की मिठाई बांटें.
अवसाद से पीड़ित लोगों के लिए ध्यान बहुत जरूरी है. इसलिए आपको जब भी समय मिले, हर दिन प्राणायाम और ध्यान करें. इससे आपके विचारों को नियंत्रित कर शरीर और आत्मा को आराम देकर आपके दिमाग को शांत करने में मदद मिलेगी. ध्यान में अवसाद के अलावा विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से भी आराम मिलता है।











