नई दिल्ली:– संसद के बजट सत्र में सोमवार को उस वक्त सियासी भूचाल आ गया, जब विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का मन बना लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद यह रणनीति तैयार की गई है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामे के चलते लोकसभा को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
आइए समझते हैं कि आखिर क्यों विपक्ष इतना हमलावर है और राहुल गांधी का ‘प्लान’ क्या है:
- क्यों निशाने पर हैं स्पीकर? विपक्ष का आरोप
विपक्षी खेमे का नेतृत्व कर रहे राहुल गांधी का कहना है कि संसद में विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष की नाराजगी के मुख्य कारण ये हैं, राहुल गांधी सांसदों के निलंबन और महिला सांसदों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। विपक्ष का कहना है कि अगर उन्हें सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाएगा, तो उनके पास स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
- अविश्वास प्रस्ताव और नोटिस
सूत्रों की मानें तो लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दल इस प्रस्ताव पर एकमत हैं। जल्द ही लोकसभा महासचिव को इसका औपचारिक नोटिस सौंपा जा सकता है। बजट सत्र के दौरान यह कदम सरकार और विपक्ष के बीच की खाई को और चौड़ा कर सकता है।
- असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का ‘डिलीटेड’ वीडियो
संसद में हंगामे की एक बड़ी वजह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का एक विवादित वीडियो भी है। असम बीजेपी ने ‘X’ पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें सीएम एक खास टोपी पहने दो लोगों पर निशाना साधते दिख रहे थे। हालांकि वीडियो डिलीट कर दिया गया, लेकिन विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सीधे पीएम और गृहमंत्री से सीएम सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सदन में अब तक क्या हुआ?
बिना भाषण पारित हुआ प्रस्ताव: हंगामे के चलते पीएम मोदी के भाषण के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित करना पड़ा।
12 बजे तक स्थगन: सोमवार सुबह भारी शोर-शराबे के कारण कार्यवाही रोकनी पड़ी।
संयुक्त रणनीति: राहुल गांधी के साथ विपक्षी नेताओं की अहम बैठक संपन्न।
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना एक बड़ा संवैधानिक कदम है। यदि विपक्ष नोटिस देता है, तो इसे चर्चा के लिए स्वीकार करने हेतु कम से कम 50 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है। क्या विपक्ष ये आंकड़ा और दबाव बना पाएगा? यह अगले कुछ घंटे तय करेंगे।













