बेंगलुरु : दूध-दही में प्रति लीटर के अलावा डीजल, बिजली और बस के अलावा मेट्रो के किराए को बढ़ाने के बाद अब राज्य सरकार पानी के शुल्क में बढ़ोतरी करने की तैयारी में है.
इस बारे में कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (BWSSB) शहर में पानी के शुल्क में एक पैसा प्रति लीटर बढ़ा सकता है.
डिप्टी सीएम ने कीमतों को बढ़ाने का भाजपा के द्वारा विरोध किए जाने पर बचाव किया. साथ ही उन्होंने दूध के दामों में इजाफे का भाजपा के द्वारा विरोध किए जाने को किसान विरोधी बताया. शिवकुमार का कहना था कि कीमतों को बढ़ाने का मकसद किसानों को लाभ पहुंचाना है.
बता दें कि भाजपा ने दूध, डीजल, बिजली के अलावा बस और मेट्रो किराए में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस सरकार के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया है. साथ ही भाजपा ने इसे जनता पर वित्तीय बोझ डालने का भी आरोप लगाया.
वहीं दूसरी तरफ डिप्टी सीएम शिवकुमार का कहना है कि जल शुल्क की दरों में बढ़ोतरी के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है. इस वजह से हमें एक पैसा या आधा पैसा प्रति लीटर बढ़ाना होगा, इसको हम और नहीं टाल सकते हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि गरीबों के लिए दरों को कम किए जाने के निर्देश दिए गए हैं. डिप्टी सीएम ने कहा कि छोटे मकानों की दरों को नहीं बढ़ाया जाएगा. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि बीडब्ल्यूएसएसबी को 1,000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है.













