नई दिल्ली:– महाराष्ट्र सरकार ने धर्म परिवर्तन को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुवार को एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्तावित कानून के तहत किसी भी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करने से पहले संबंधित प्राधिकरण को कम से कम 60 दिन पहले सूचना देना और अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा धर्म परिवर्तन के बाद 25 दिनों के भीतर उसका पंजीकरण कराना भी जरूरी होगा। यदि तय समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो ऐसे धर्म परिवर्तन को अमान्य माना जाएगा।
राज्य सरकार के इस प्रस्तावित बिल में धर्म परिवर्तन से जुड़े कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करना चाहता है तो उसे पहले संबंधित प्राधिकरण को लिखित रूप में इसकी जानकारी देनी होगी और अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके बाद ही धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
बिल में यह भी कहा गया है कि धर्म परिवर्तन होने के बाद उसे 25 दिनों के भीतर पंजीकृत कराना अनिवार्य होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उस धर्म परिवर्तन को कानूनी रूप से मान्य नहीं माना जाएगा।
इसके साथ ही इस प्रस्तावित कानून में शिकायत दर्ज कराने का भी प्रावधान रखा गया है। यदि किसी व्यक्ति के रक्त संबंधी रिश्तेदार को यह संदेह होता है कि धर्म परिवर्तन जबरन, धोखे या लालच देकर कराया गया है, तो वह इसकी शिकायत कर सकता है। ऐसी स्थिति में पुलिस मामला दर्ज कर जांच करेगी।
सरकार ने बिल में यह भी स्पष्ट किया है कि धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार किसी को भी बल, धोखाधड़ी या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की अनुमति नहीं देता। हालांकि इस कानून का उद्देश्य लोगों को अवैध और जबरन धर्म परिवर्तन से सुरक्षा देना भी बताया गया है।
महाराष्ट्र सरकार का यह प्रस्तावित बिल अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए तैयार किया गया है। इसे लागू करने के लिए विधायी प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद राज्य में धर्म परिवर्तन से जुड़े नियम और अधिक सख्त हो सकते हैं।













