शिमला: मुख्यमंत्री सुक्खू ने धर्मशाला रवाना होने से पहले शिमला के प्रसिद्ध जाखू हनुमान मंदिर गए। वहीं, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के समारोह में शामिल होने को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।सत्ता में आने से पहले दस गारंटियों का वादा करने वाली हिमाचल प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार आज एक साल का कार्यकाल पूरा होने का धर्मशाला में जश्न मना रही है। सोमवार सुबह मुख्यमंत्री सुक्खू ने धर्मशाला रवाना होने से पहले शिमला के प्रसिद्ध जाखू हनुमान मंदिर में पत्नी के साथ पूजा की। दोपहर करीब 12:00 मुख्यमंत्री धर्मशाला रवाना हुए।
समारोह में मुख्यमंत्री से पहले विधायक केवल पठानिया, विशाल चंबियाल के बाद घुमारवीं के विधायक राजेश धर्माणी ने संबोधित किया। सरकार के एक साल का जश्न मनाने के लिए धर्मशाला में बड़ी संख्या में प्रदेश भर से लोग पहुंचे हैं। मौसम भी साफ बना हुआ है। वहीं, घुमारवीं के कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी ने मंच से कहा कि बहुत जल्द प्रियंका गांधी हमारे बीच होंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की मंच से जमकर तारीफ की और भाजपा पर हमला किया। सूक्खू मंत्रिमंडल में धर्माणी अगले संभावित मंत्री हैं धर्माणी। वहीं, धर्माणी के ऐसा कहने के साथ ही भीड़ में पहेलियां बूझने लगीं कि प्रियंका आ रही हैं क्या?
25 फुट के कटआउट होर्डिंग्स के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों और कांग्रेस की नीतियों को बताया गया है। विभिन्न विभागों की ओर से जगह-जगह स्वागत के लिए तोरणद्वार भी बनाए गए हैं। पुलिस ग्राउंड में पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी व मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के 25 फुट ऊंचे भी कटआउट लगाए गए हैं। समारोह के लिए लगभग 80 फुट लंबा और 30 फुट चौड़ा मंच बनाया गया है। पांच पंक्तियों में करीब 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी।
पहली दो पंक्तियों में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के पदाधिकारियों, मुख्यमंत्री और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं व मंत्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। मुख्य मंच के सबसे पीछे बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। मुख्य मंच के सामने सांस्कृतिक दल प्रस्तुतियां देंगे। वीआईपी के अलग से बैठने या बातचीत करने के लिए दो ग्रीन रूम भी बनाए गए हैं।सालगिरह के जश्न से पार्टी में 2024 के लिए जोश भरेगी सरकार हिमाचल में कांग्रेस सरकार का एक साल पूरा होने पर धर्मशाला में सोमवार को होने वाला समारोह पार्टी के लिए कई मायनों में खास है।
पार्टी इस सियासी प्लेटफार्म से आम चुनाव के लिए खुद को तैयार करेगी। तीन राज्यों में हार से बनी निराशा को तोड़ने का काम भी यहीं से होगा। कांग्रेस नेतृत्व और सुक्खू सरकार निराशा को पीछे छोड़ जीत का विश्वास कार्यकर्ताओं में भरने का हरसंभव प्रयास करेगी। धर्मशाला का समारोह सुक्खू सरकार की उपलब्धियों, कामकाज और अगले एक साल के रोडमैप को दर्शाएगा, लेकिन इसे 2024 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव से अलग नहीं किया जा सकता। कांग्रेस इसका पूरा लाभ इस चुनाव की जमीन तैयार करने के लिए भी उठाना चाहेगी। संगठनात्मक ताकत को आंकने और संगठन में नया जोश व उत्साह भरने के लिए यह समारोह अच्छा अवसर साबित हो सकता है।
इसी मंच से भाजपा को मुंहतोड़ जवाब तो जनता-जर्नादन को संदेश भी दिया जा सकता है। सरकार और संगठन स्तर पर बैठकों के जरिये कैडर को तैयार करने का काम हो चुका है। मंच से पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं में नए जोश और उत्साह को बढ़ाने का काम करेंगे। अगली जंग के लिए उनमें जीत का विश्वास जगाना पहली प्राथमिकता होगी। मतदाताओं के बीच अच्छा संदेश देकर पार्टी के लिए अनुकूल चुनावी माहौल बनाने की कोशिश भी पार्टी नेता करेंगे।











