रायपुर:- देश में इन दिनों शादी का सीजन चल रहा है। गांव-गली मोहल्ले से लेकर शहरों तक शहनाइयों की गूंज सुनाई दे रही है। ऐसे में प्रशासन ने भी गरीब परिवारों की मदद के लिए सामूहिक विवाह का आयोजन करने का फैसला लिया है। लेकिन सामूहिक विवाह के दौरान कई सनसनीखेज मामले सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के हाथरस से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसे लेकर बवाल मचा हुआ है। तो चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
दरअसल हाथरस में 15 दिसंबर को सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। इस दौरान एक ऐसे जोड़े ने भी सात फेरे ले लिए जो भाई-बहन थे। मामला सामने आने के बाद निगम प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, मामले की जांच के लिए चा सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार हाथरस में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इस समारोह में विवाह बंधन में बंधे दो जोड़े पहले से ही शादीशुदा थे, जबकि एक भाई-बहन को कागजों में दूल्हा-दुल्हन बनाकर विवाह बंधन में बांध दिया गया। शिकायत के बाद मामला उजागर हुआ तो नगर पालिका में खलबली मच गई। चूंकि पहले इन नामों को पालिका के चार कर्मियों की कमेटी ने ही अंतिम रूप दिया था, इसलिए प्रकरण की जांच के लिए अब तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
गौरतलब है कि ये पहला मामला नहीं है जब सामूहिक विवाह के दौरान भाई-बहन को दूल्हा-दुल्हन बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। बताया गया कि प्रशासन की ओर से अधिक से अधिक जोड़ों की शादी करानी है। ऐसे में जिन लोगों को सामूहिक विवाह की जिम्मेदारी दी जाती है वो लापरवाहीपूर्ण काम करते हुए भाई-बहन के ही सात फेरे करवा देते हैं।




