देहरादून: उत्तराखंड में अगले महीने यानी अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है. 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे और उसके बाद बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. ऐसे में चारधाम यात्रा को लेकर सरकार और व्यवस्थाओं में लगी अन्य एजेंसियों ने भी कमर कस ली है. इसी बीच श्रद्धालुओं को महंगाई का हल्का सा झटका लग सकता है. पिछले साल की तुलना में इस बार ठहरना और हवाई किराया महंगा हो सकता है
.यात्रा व्यवस्थाओं में बढ़ेंगे पैसे : गढ़वाल मंडल विकास निगम से लेकर संयुक्त रोटेशन समिति इस बार यात्रा की व्यवस्था में पैसे की बढ़ोतरी करने जा रही है. चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को हरिद्वार और ऋषिकेश से बस टैक्सी के माध्यम से धाम तक पहुंचना होता है. ऐसे में गढ़वाल मंडल विकास निगम यात्रा के दौरान यात्रा के पैकेज को निर्धारित करता है. अब तक गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा चलाए जा रहे पैकेज का मूल्य प्रति व्यक्ति लगभग ₹30000 होता है. इस पैकेज में ऋषिकेश या हरिद्वार से भक्तों को चारधाम यात्रा के दौरान खाना-पीना और रहने की व्यवस्था की जाती है.
चारधाम यात्रा के दौरान बसों का किराया होगा महंगा दो धामों में रेट तय, बाकी को लेकर होगी बैठक: गढ़वाल मंडल विकास निगम अपने गेस्ट हाउस में भक्तों के ठहरने की व्यवस्था करता है. हाल ही में हुई एक बैठक में गढ़वाल मंडल विकास निगम ने लगभग दो धामों के रेट तय कर दिए हैं. सोमवार (10 मार्च) को होने जा रही बैठक में चारधाम में गढ़वाल मंडल विकास निगम किस तरह से यात्रा का संचालन करेगा और आधिकारिक रूप से कितने की बढ़ोतरी होगी यह तय होगा.यात्रा का अनुभव होगा शानदार: गढ़वाल मंडल विकास निगम के जीएम विशाल मिश्रा ने बताया कि हमने कुछ रूट पर रूट तय कर लिए हैं और कुछ पर जल्द ही तय कर लिए जाएंगे. मौजूदा हालातों को देखते हुए बैठक में यह निर्णय लिया जाएगा, लेकिन हम इतना जरुर कहना चाहते हैं कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को रहने, खाने-पीने और अन्य व्यवस्थाओं का शानदार अनुभव प्राप्त होगा. उन्होंने कहा कि इस संबध में हमने यात्रा से जुड़ी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं.
))क्या है रोटेशन समिति का तर्क : चारधाम यात्रा पर सबसे बड़ी व्यवस्था भक्तों को लाने और ले जाने की संयुक्त रोटेशन समिति करती है. इस समिति के तहत ट्रांसपोर्ट से जुड़े लगभग चार बड़े समूह यात्रा का संचालन सरकार के निर्देशों पर करते हैं. जिसमें टिहरी गढ़वाल मोटर कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड यानी डीजीएमओ, रूपकुंड, यातायात प्राइवेट लिमिटेड और गढ़वाल मोटर शामिल है. संयुक्त रोटेशन ने चारधाम यात्रा से जुड़े अधिकारियों से बीते दिनों यात्रा का किराया बढ़ाने की मांग की थी. इसमें इंश्योरेंस,पेट्रोल के दाम, ड्राइवर का खर्चा और खाने-पीने का सामान महंगे होने का हवाला देते हुए कहा था कि किराया 2 साल से नहीं बढ़ा है, इसलिए इस साल किराया बढ़ाया जाए. ऐसे में उनकी इस मांग को मानते हुए जल्द ही एक बैठक करके किराए में बढ़ोतरी की जाएगी.
पांच से सात फीसदी बढ़ेगा किराया: टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि हमारी जो मांग है, उसको मान लिया गया है और उम्मीद है कि इस बार किराए में बढ़ोतरी होगी. अब तक जो एक बस चारधाम यात्रा के लिए जाती है, उसका किराया लगभग 170000 रुपए होता है. उन्होंने कहा कि इस बार उम्मीद है कि 5% से लेकर 7% तक किराया यात्रा के दौरान बढ़ाया जाना चाहिए. महंगाई के इस दौर में दो-तीन साल तक एक ही व्यवस्था के साथ नहीं चला जा सकता.हेली सेवा भी होगी महंगी, पांच फीसदी बढ़ेगा किराया: चारधाम यात्रा में इस बार बदरीनाथ और केदारनाथ के अलावा गंगोत्री और यमुनोत्री में भी हवाई सेवाएं शुरू हो रही हैं. ऐसे में केदारनाथ और बदरीनाथ में हेलीकॉप्टर संचालन करने वाली कंपनियां के एग्रीमेंट के अनुसार इस बार भी लगभग पांच फीसदी किराया हवाई सेवा में बढ़ सकता है. साल 2023 में उद्यान विभाग के साथ हुए समझौते में हवाई संचालन करने वाली कंपनियों के साथ यह करार हुआ था कि साल 2023, साल 2024 और साल 2025 में 5-5 फीसदी किराया बढ़ाया जाएगा. यह किराया मेंटेनेंस फ्यूल चार्ज और अन्य महंगी हो रही जरूरतों को देख कर बढ़ेगा.
चारधाम यात्रा के दौरान हवाई किराया भी होगा महंगा ।क्यों महंगी हो रही है यात्रा: चारधाम यात्रा में होटल धर्मशाला व्यवसाय से जुड़े विकास तिवारी ने बताया कि साल दर साल बिजली, पानी समेत सभी चीजें महंगी हो रही हैं. ऐसे में लोगों को यह लगता है कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड में 6 महीने चलती है, जबकि हकीकत यही है कि कामकाज के लिए सिर्फ 40 दिन का समय उत्तराखंड के हर एक यात्रा से जुड़े व्यापारी के पास होता है. उन्होंने कहा कि अगर हम गाड़ियों की महंगाई की बात करें, तो एक ड्राइवर की महीने की सैलरी लगभग 10,000 होती है, लेकिन उसे पहले रोजाना₹600 देने पड़ते थे, लेकिन अब खाना पीना महंगा हुआ है. ऐसे में उसे ₹800 से लेकर ₹900 तक प्रतिदिन का भुगतान करना पड़ता है.ऐसे में अब ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा.
इसी तरह से यात्रा रूट पर होटल धर्मशाला जो संचालित हो रही हैं. उनमें काम करने वाला स्टाफ भी महंगे रेट में मिलता है, इसलिए कुछ ना कुछ बढ़ोतरी होटल, धर्मशाला और होमस्टे जैसे स्थानों में भी हो सकती है, लेकिन यह महंगाई इतनी नहीं होगी कि बहुत अधिक किसी की जेब पर बोझ आए.विशेष रखें ध्यान: उत्तराखंड चारधाम यात्रा लगभग 9 से 10 दिन में पूरी होती है. अप्रैल महीने में शुरू होने वाली इस यात्रा का समापन नवंबर महीने में होता है. चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू होगी. जिसमें गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खुलेंगे. केदारनाथ के कपाट 2 मई और बदरीनाथ के कपाट 4 मई को खुलेंगे. यात्रा के समय और बुकिंग से पहले ध्यान रखें कि हवाई सेवा से लेकर यात्रा की किसी भी बुकिंग को पहले पूरी तरह से वेरीफाई कर उसके बाद ही किसी तरह की बुकिंग या भुगतान करें.













