रायपुर, 14 जनवरी 2025 — छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राज्य के सबसे संवेदनशील और संघर्षग्रस्त भाग बस्तर क्षेत्र में समग्र विकास और शांति स्थापना को लेकर अहम बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि लिस्ट विंग एक्स्ट्रीमिज़्म (नक्सलवाद) लगभग निर्णायक अंत के चरण में है और इसका समापन जल्दी संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की रणनीति का केंद्र स्थानीय लोगों के साथ संवाद, सतत मूलभूत सेवा-प्रदान और ठोस विकास गतिविधियों को लागू करना है, ताकि नक्सलवाद दोबारा सिर न उठा सके और बस्तर का हर व्यक्ति मुख्यधारा से जुड़ सके। The Times of Indiaमुख्यमंत्री साय ने बस्तर के लिए तीन वर्षों की एक व्यापक एक्शन-प्लान लॉन्च किया है, जिसमें क्षेत्र के शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, बिजली, संचार और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों पर विशेष योजनाएँ शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से गाँव-गाँव जाकर न केवल योजनाओं की समीक्षा करें, बल्कि स्थानीय अपेक्षाओं को भी ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि दूरदराज़ और आदिवासी इलाकों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँच रहा है और लोग विकास की गति को महसूस कर रहे हैं। Indiatimesइस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति और सुरक्षा के बिना विकास असंभव है। इसलिए सरकार बस्तर में सिर्फ सड़क, बिजली और पेयजल ही नहीं पहुँचा रही, बल्कि शिक्षा एवं कौशल विकास केंद्रों को भी सक्रिय कर रही है ताकि वहाँ की युवा पीढ़ी स्थानीय संसाधनों का सदुपयोग कर सके और आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने यह भी बताया कि विकास के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने से नक्सल प्रभावित कुछ इलाकों में जीवन सामान्य स्थिति की ओर लौट चुका है और नागरिकों का भय कम हुआ है।













