रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भक्त माता कर्मा की 1009वीं जयंती पर राजधानी रायपुर स्थित कर्माधाम परिसर में भक्त माता कर्मा मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की. खास बात यह रही कि सीएम साय ने माता कर्मा को समर्पित डाक टिकट का विमोचन किया. वहीं संत माता कर्मा आश्रम शक्तिपीठ रायपुर को सामाजिक योगदान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से सम्मानित किया गया.लोगों को माता कर्मा जयंती की बधाई दी: मुख्यमंत्री साय ने कहा भक्त माता कर्मा का जीवन निष्ठा, बलिदान और भक्ति की मिसाल है. डाक टिकट के माध्यम से उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाना, भावी पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भक्त माता कर्मा जयंती की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी दी हैं. मुख्यमंत्री साय ने माता कर्मा से समस्त छत्तीसगढ़वासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हुए कहा कि भक्त माता कर्मा का जीवन सेवा, भक्ति, त्याग और परोपकार की अनुपम मिसाल है. वे भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं और उनका आदर्श आज भी जनमानस को प्रेरणा देता है.साहू समाज ने हमेशा अपार स्नेह दिया है. मैं समाज की इस ऐतिहासिक मांग को स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं-विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में माता कर्मा जयंती का पर्व पूरे श्रद्धाभाव और सामाजिक समरसता के साथ मनाया जाता है. साहू तैलिक समाज की आराध्य देवी माता कर्मा की जयंती पर पूरे राज्य में शोभायात्राएं, कलश यात्राएं और विविध धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जिनमें सभी समाजों की भागीदारी से एकता और भाईचारे का संदेश भी प्रसारित होता है.डाक टिकट जारी कर किया सम्मान: वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने माता कर्मा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि माता कर्मा का आशीर्वाद समाज और प्रदेश दोनों के लिए कल्याणकारी है. यह डाक टिकट मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक है
.केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने डाक टिकट विमोचन को तैलिक समाज के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा यह डाक टिकट एक प्रतीक नहीं, बल्कि माता कर्मा के संघर्ष, सेवा और त्याग की राष्ट्रीय मान्यता है.मुख्यमंत्री साय ने यह भी जानकारी दी कि राजिम माता की मूर्ति स्थापना सहित अन्य विकास कार्यों के लिए पहले घोषित 5 करोड़ रुपए की राशि अब बजट में शामिल कर दी गई है, जिससे समाज के धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिलेगी.












