दिल्ली/रायपुर:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दिल्ली दौरे पर हैं. दौरे के दूसरे दिन आज सीएम साय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे. इस अहम मुलाकात में नए आपराधिक कानूनों के एग्जीक्यूशन पर बैठक होगी. बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी शामिल होंगे. बैठक में मुख्य रुप से राज्य के तीन नए अधिनियमित आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर चर्चा की जाएगी.
अमित शाह से मिलेंगे सीएम साय: गृह मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक दफ्तर में होने वाली इस बैठक में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023; भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023; और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 के व्यापक रोलआउट पर विचार विमर्श होगा. ये कानून भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री करेंगे समीक्षा: बैठक में अमित शाह छत्तीसगढ़ के सीएम, मुख्य सचिव और राज्य के डीजीपी को तीन नए कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की निरंतर समीक्षा करने का निर्देश दे सकते हैं. बैठक में छत्तीसगढ़ में पुलिस, जेल, न्यायालय, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाएगी.
क्या कहते हैं सूत्र: सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों को हाइटेक तकनीकी, उपकरणों से लैस करने और दीर्घकालिक रणनीतिक लाभ के लिए बुनियादी ढांचे को डेवलप करने में केंद्र का सहयोग मांग सकते हैं. बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो के महानिदेशक, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के निदेशक और गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे.
नक्सलवाद के खात्मे पर चर्चा: केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और प्रशासकों के साथ इसी तरह की बैठकें की हैं. सूत्रों के अनुसार नक्सलवाद को खत्म करने और बस्तर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा की जाएगी. चर्चा में आदिवासी समुदायों को और सशक्त बनाने और महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से ‘नियाद नेल्लनार योजना’ पर चर्चा हो सकती है.
बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा: बस्तर में पर्यटन को लेकर मुख्यमंत्री को केंद्रीय सहायता के साथ योजना के व्यापक और अधिक प्रभावी कार्यान्वयन की वकालत करने की उम्मीद है. एजेंडे में एक और महत्वपूर्ण बिंदु बस्तर को इको टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन के उभरते केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. सीएम साय से उम्मीद की जाती है कि वे बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी विरासत और ऐतिहासिक महत्व को उजागर करेंगे, तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साहसिक पर्यटन, होमस्टे मॉडल और पारंपरिक आदिवासी मेलों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखेंगे.












