नई दिल्ली : शरीर ठीक से काम करता रहे इसके लिए जरूरी है कि आप पौष्टिक आहार का सेवन करते हैं। दैनिक रूप से फल-सब्जियों से भरपूर चीजें शरीर के लिए आवश्यक विटामिन्स, प्रोटीन, मिनरल्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स प्रदान करती हैं। डॉक्टर बताते हैं, शरीर के लिए विटामिन बी-12 बहुत लाभकारी पोषक तत्व है, आहार के माध्यम से सभी लोगों को इसकी पूर्ति पर ध्यान देते रहना चाहिए। इस विटामिन की कमी से कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।
आयुर्वेद संस्थान द्वारा किए गए एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि बड़ी संख्या में युवाओं में इस आवश्यक पोषक तत्व की कमी होती जा रही है। लगभग 50 फीसदी युवा इसकी कमी से जूझ रहे हैं। विटामिन बी-12 का शरीर में कम स्तर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य विकारों को बढ़ाने वाला हो सकता है।
आइए जानते हैं कि शरीर में इस पोषक तत्व की कमी से किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है?
युवाओं में विटामिन बी-12 का कम होता स्तर
शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों को प्रतिदिन आहार के माध्यम से 2.4 mcg विटामिन बी-12 की जरूरत होती है, ज्यादातर लोग इसकी पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। विशेषतौर पर शाकाहार का सेवन करने वाले युवाओं में विटामिन बी-12 की कमी का खतरा अधिक देखा जा रहा है।
मानव शरीर को लाल रक्त कोशिकाओं, तंत्रिकाओं, डीएनए बनाने और अन्य कार्यों को पूरा करने के लिए विटामिन बी12 की आवश्यकता होती है। अधिकांश विटामिनों की तरह, बी12 शरीर स्वयं से नहीं बना पाता है, इसके लिए इससे भरपूर चीजों के सेवन की सलाह दी जाती है।
विटामिन बी-12 की कमी से होने वाली समस्या
शोधकर्ताओं ने बताया, जिन लोगों में विटामिन बी-12 की मात्रा कम होने की समस्या देखी गई है, उनमें से अधिकतर लोग हाथों में सुन्नता और पिन जैसी चुभन की शिकायत कर रहे हैं। इसके अलावा ये स्थिति चलने में परेशानी, जोड़ों में गंभीर दर्द होने, शरीर का रंग पीला पड़ने और सांस फूलने की दिक्कत होने का जोखिम भी बढ़ा सकती है।
द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हार्वर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर स्थितियों में विटामिन बी 12 की कमी से अवसाद, भ्रम, स्मृति हानि, स्वाद और गंध न आने की समस्या जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
गर्भवती में भी इसकी कमी
शोध में कहा गया है कि 50 फीसदी से अधिक गर्भवती महिलाओं में भी विटामिन-बी12 की कमी का खतरा देखा जा रहा है। इससे मां के साथ भ्रूण की सेहत पर असर हो सकता है। विटामिन बी-12 का स्तर कम होने से बच्चे को विकासात्मक समस्याओं का भी खतरा हो सकता है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच में सभी महिलाओं को अन्य सप्लीमेंट्स की ही तरह से विटामिन बी के सेवन की भी सलाह दी जाती है।
शाकाहारी लोगों में हो सकता है खतरा
मांस, अंडे, मुर्गी, डेयरी उत्पाद जैसे खाद्य पदार्थों से इस विटामिन की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है, यही कारण है कि शाकाहारी लोगों में इसकी कमी होने का खतरा अधिक हो सकता है। जिन लोगों ने वजन घटाने के लिए सर्जरी करवाई है उनमें विटामिन बी12 की कमी होने की आशंका अधिक होती है। शाकाहारी लोगों के लिए डेयरी उत्पाद ही इस पोषक तत्व की पूर्ति के लिए कारगर विकल्प माने जा सकते हैं।











