नई दिल्ली : जब आप किसी सरकारी योजना से जुड़ते हैं तो आपको उस योजना के अंतर्गत मिलने वाले कई तरह क लाभ मिलते हैं। इन योजनाओं का पूरा खर्च सरकार उठाती है और पात्र लोगों को लाभ देती है। इसमें जहां कुछ योजनाओं को राज्य सरकारें तो कई योजनाओं को केंद्र सरकार चलाती है। जैसे- केंद्र सरकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को चलाती है जिसके अंतर्गत 18 पारंपरिक व्यापारों को जोड़ा गया है और इन लोगों को आर्थिक लाभ के अलावा कई अन्य तरह के लाभ भी दिए जाते हैं। ऐसे में क्या आप पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ने के बाद तीन लाख रुपये तक का लोन भी ले सकते हैं या नहीं? तो चलिए जानते हैं इस बारे में। आप अगली स्लाइड्स में इसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं…
कौन लोग जुड़ सकते हैं योजना से?
फिशिंग नेट निर्माता हैं
जो लोग सुनार हैं
पत्थर तोड़ने वाले हैं
हथौड़ा और टूलकिट निर्माता हैं
मोची/जूता बनाने वाले कारीगर हैं
जो लोग लोहार का काम करते हैं
नाई यानी बाल काटने वाले हैं
पत्थर तराशने वाले हैं
जो अस्त्रकार हैं
जो राजमिस्त्री है
जो लोग टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले हैं
अगर आप मूर्तिकार हैं
जो नाव निर्माता हैं
अगर आप ताला बनाने वाले हैं
गुड़िया और खिलौना निर्माता हैं
जो मालाकार हैं
जो धोबी है
जो दर्जी है।
क्या लोन मिलता है?
दरअसल, पीएम विश्वकर्मा योजना से जो लोग जुड़ते हैं उन्हें योजना के अंतर्गत कई तरह के लाभ दिए जाते हैं। इसमें से एक है लोन की सुविधा। लाभार्थियों को 3 लाख रुपये तक का लोन देने का प्रावधान है।
जब आप योजना से जुड़ते हैं तो इसके बाद आप पहले एक लाख रुपये तक का लोन और फिर इसे चुकाने के बाद अतिरिक्त दो लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं। इसमें सबसे खास बात ये है कि सरकार आपको ये लोन सस्ती ब्याज दरों पर और बिना किसी गारंटी के मुहैया करवाती है।
ये लाभ भी मिलते हैं
पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत कई अन्य लाभ भी लाभार्थियों को दिए जाते हैं। जैसे- योजना से जुड़ने के बाद आपको 15 हजार रुपये दिए जाते हैं ताकि आप टूलकिट खरीद सके
वहीं, लाभर्थियों को कुछ दिनों की एडवांस ट्रेनिंग भी दी जाती है जिसके लिए रोजाना 500 रुपये का स्टाइपैंड दिया जाता है।






