नई दिल्ली : शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे आप आसानी से विटामिन-सी, डी और शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति कर सकते हैं। विटामिन-डी को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए कई तरह से महत्वपूर्ण माना जाता है। ये हड्डियों को तो मजबूत रखने के लिए जरूरी है ही, साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ावा देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कहीं आपके शरीर में इसकी कमी तो नहीं है?
अध्ययनों से पता चलता है कि विटामिन-डी की कमी के कारण मांसपेशियों-हड्डियों में कमजोरी, नींद की कमी, संक्रमण का खतरा बढ़ने के साथ, अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। जिन लोगों में इस विटामिन की कमी होती है वह बार-बार बीमार पड़ते हैं।
पर बड़ा सवाल है कि इस विटामिन की कमी होती क्यों है और इसकी पूर्ति कैसे की जा सकती है?
विटामिन-डी की कमी
येल मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस को अवशोषित करने के लिए विटामिन-डी जरूरी है। ये पोषक तत्व हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। जब किसी व्यक्ति में विटामिन-डी की बहुत कमी होती है, तो उनमें कैल्शियम भी कम होने लगता है। इस तरह की स्थिति हड्डियों से संबंधित गंभीर बीमारियों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
विटामिन-डी की कमी वाले लोगों में गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
विटामिन डी की कमी क्यों होती है?
आहार विशेषज्ञ गरिमा चदेंला बताती हैं, आहार और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी जैसे कई कारक शरीर में विटामिन-डी की कमी के लिए जिम्मेदार माने जा सकते हैं। सूरज की रोशनी विटामिन-डी का सबसे अच्छा और प्राकृतिक स्रोत है। जिन लोगों का सूर्य की रोशनी से पर्याप्त संपर्क नहीं हो पाता है उनमें इसकी कमी का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कुछ अन्य स्थितियां भी विटामिन-डी की कमी का कारण बन सकती हैं।
कुपोषण की स्थिति।
किडनी फेलियर या किडनी की अन्य बीमारी।
कुछ प्रकार के कैंसर वालों में भी इसका खतरा हो सकता है।
जिन लोगों के परिवार में पहले से लोगों में विटामिन-डी की कमी रही है उनमें भी इसका जोखिम हो सकता है।
विटामिन-डी की कमी हो जाए तो क्या करें?
येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ थॉमस कारपेंटर बताते हैं, जिन लोगों में इस विटामिन की कमी का निदान होता है उन्हें इसकी कमी को पूरा करने के लिए आहार के साथ-साथ सप्लीमेंट्स की भी जरूरत हो सकती है। हालांकि बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से ही कोई भी सप्लीमेंट लेने से बचना चाहिए।
सामान्यतौर पर आहार में कुछ चीजों को शामिल करके विटामिन-डी की कमी से बच सकते हैं।
किन चीजों से प्राप्त करें विटामिन-डी?
आहार में कुछ खाद्य पदार्थों को शामिल करके विटामिन-डी की आवश्यकताओं की आसानी से पूर्ति की जा सकती है। ट्यूना, सैल्मन जैसी फैटी मछलियां, अंडे, दूध और अन्य डेयरी खाद्य पदार्थ विटामिन-डी से भरपूर होते हैं। नट्स-सीड्स से भी विटामिन-डी सहित शरीर के लिए आवश्यक अधिकतर पोषक तत्वों की पूर्ति की जा सकती है। डॉक्टर हर सप्ताह कम से कम तीन दिन 15 मिनट के लिए सुबह की धूप में समय बिताने की सलाह देते हैं।













