नई दिल्ली:– पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अस्थिरता के बीच भारत सरकार ने घरेलू अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए एक ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ (संपूर्ण सरकार) दृष्टिकोण अपनाया है। आज नेशनल मीडिया सेंटर में पेट्रोलियम, विदेश, वाणिज्य और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में देश की ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार निरंतरता और भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर उठाए गए क्रांतिकारी कदमों की जानकारी दी।
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का पर्याप्त भंडार है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई असामान्य वृद्धि से आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में ₹10 प्रति लीटर की भारी कटौती की है।
मंत्रालय की जनता से अपील
घरेलू बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने डीजल पर ₹21.5 और एटीएफ (ATF) पर ₹29.5 प्रति लीटर का निर्यात लेवी लगाया है। मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) से बचें, क्योंकि सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
पेट्रोकेमिकल्स पर सीमा शुल्क खत्म
वित्त मंत्रालय (CBIC) ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर सीमा शुल्क से पूर्ण छूट दे दी है। यह छूट 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस कदम का उद्देश्य फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, पैकेजिंग और ऑटोमोटिव जैसे उन क्षेत्रों को राहत देना है जो कच्चे माल के लिए पश्चिम एशिया पर निर्भर हैं। इससे सरकारी खजाने पर लगभग ₹1,800 करोड़ का भार पड़ेगा, लेकिन घरेलू विनिर्माण लागत को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
निर्यातकों के लिए ‘RELIEF’ योजना
वाणिज्य मंत्रालय ने निर्यातकों के लिए ‘RELIEF’ (Resilience and Logistics Intervention for Export Facilitation) पहल की शुरुआत की है। इसके तहत एमएसएमई (MSME) निर्यातकों को अतिरिक्त लॉजिस्टिक्स शुल्क और बीमा प्रीमियम में स्थिरता प्रदान की जाएगी। साथ ही, पश्चिम एशिया संकट डेस्क और एक टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की गई है ताकि लॉजिस्टिक्स और शिपिंग रूट में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जा सके।
भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब तक ईरान से 1,200 नागरिकों (जिनमें 845 छात्र शामिल हैं) को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, अब तक 975 भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में 18 भारतीय जहाजों पर 485 नाविक फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं, जिनकी सुरक्षा की 24×7 निगरानी की जा रही है।
पीएनजी और एलपीजी में सुधार
पीएनजी (PNG) बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए रक्षा और सड़क परिवहन मंत्रालयों ने नियमों में ढील दी है। पिछले पांच दिनों में 55,000 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। वहीं, एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) आधारित डिलीवरी को बढ़ाकर 85% कर दिया गया है।
सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और दैनिक प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से सटीक जानकारी साझा करें। पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्रालय निरंतर नजर बनाए हुए है और हवाई यातायात की स्थिति में भी सुधार देखा जा रहा है।













