नई दिल्ली:– रेलवे ने देश में शुरू किए जाने वाले नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को आने वाले समय में बुलेट की रफ्तार से विकसित करने को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने पर भी मंथन किया जा रहा है।
वहीं, देश की पहली बुलेट ट्रेन जो अहमदाबाद-मुंबई के बीच प्रस्तावित है, उसका पहला खंड भी वर्ष 2027 में जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। बुलेट ट्रेन का पहला खंड गुजरात में होगा जबकि उसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से समस्त खंड पर चलाने को लेकर कदम उठाए जाएंगे।
168 किमी का ट्रैक बिछा
इस ट्रेन मार्ग के 368 किमी रूट पर गार्डर लॉन्च हो गए हैं। इसी तरह से 168 किमी का ट्रैक बिछा दिया गया है। यहां पर 17 नदियों पर बुलेट ट्रेन के लिए पुल भी बना दिए गए हैं। इनमें वापी, माही और दादर नदी शामिल हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश में बुलेट ट्रेन के 7 नये कॉरिडोर को भी बजट में मंजूरी दी गई है। उससे देश के औद्योगिक शहर और मध्यम श्रेणी के शहरों के बीच सीधा द्रुत गति संपर्क हो जाएगा। इससे इनके बीच कारोबार बढ़ेगा।
इसके अलावा इन नये रूट के बीच आने वाले शहरों, कस्बों और गांवों में भी विकास तेज गति से पहुंचेगा। इन नये रूट के बन जाने के बाद दिल्ली-वाराणसी के बीच 3।5 घंटे में सफर तय होगा।
इसी तरह से पुणे-हैदराबाद के बीच 2 घंटे तो मुंबई-पुणे के बीच सफर मात्र 48 मिनट में पूरा हो पाएगा। दिल्ली और लखनऊ के बीच रेल सफर घटकर 2 घंटे रह जाएगा, जबकि वाराणसी और पटना के बीच का सफर 1 घंटे से भी कम हो जाएगा। इसी तरह से बेंगलुरु-चेन्नई 73 मिनट, हैदराबाद-चेन्नई वाया अमरावती का सफर 3.5 घंटे हो जाएगा।













