रायपुर, 14 दिसंबर 2025 — छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों को राहत देने के उद्देश्य से धान खरीदी और भुगतान व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व तेज करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खाद्य और सहकारिता विभाग ने सभी जिलों में धान उपार्जन केंद्रों की नियमित निगरानी शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि इस बार किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और खरीदी के बाद तय समय सीमा के भीतर भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाए। अधिकारियों के अनुसार, राज्य भर में धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है ताकि भीड़ कम हो और किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही ऑनलाइन टोकन प्रणाली को और सरल बनाया गया है, जिससे किसानों को समय पर स्लॉट मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी बताया कि सीमांत और छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके। धान खरीदी के दौरान नमी, तौल और गुणवत्ता से जुड़े विवादों को तुरंत सुलझाने के लिए जिला स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है। किसानों का कहना है कि इस बार व्यवस्था पहले की तुलना में बेहतर नजर आ रही है और भुगतान प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत तेज हुई है। राज्य सरकार का मानना है कि समय पर भुगतान से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे अगली फसल की तैयारी बिना कर्ज के कर सकेंगे। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में धान खरीदी व्यवस्था का सुचारू संचालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। 15 दिसंबर 2025 की यह खबर यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, जिससे राज्य के लाखों किसान लाभान्वित होंगे और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।













