हापुड़ः उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में हर्बल पार्क बनने जा रहा है. 10 हजार वर्गमीटर भूमि पर यहां हर्बल पार्क तैयार किया जाएगा. जो प्रदेश के रोल मॉडल के रूप में विकसित होगा. इस पार्क में करीब 30 हजार औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा. हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण यह पार्क आनंद विहार योजना में अर्थ एनजीओ के साथ मिलकर तैयार करेगा.
पिलखुवा विकास प्राधिकरण के सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने लोकल 18 को बताया कि दो वर्ष पूर्व लखनऊ से आई एक टीम ने हापुड़ जिले की आनंद विहार योजना के डी ब्लॉक में निरीक्षण किया था और यहां मिट्टी के नमूने जुटाए थे. यहां की मिट्टी की जांच की गई, तो उसमें पोषक तत्व मिले हैं. जिसके बाद यह तय किया गया है कि अब यहां एचपीडीए औषधीय पार्क बनाकर तैयार करेगा. औषधीय पार्क बनाने के लिए रूपरेखा तय कर ली गई है.
पार्क के सुंदरीकरण के लिए बजट हो रही
यहां आनंद विहार योजना के डी-ब्लॉक में 10 हजार भूमि आवंटित की गई है. साथ ही पार्क के सुंदरीकरण के लिए बजट की व्यवस्था भी सीएसआर फंड व एचपीडीए के द्वारा ही की जा रही है. अर्थ एनजीओ के सहयोग से पार्क का डवलपमेंट किया जाएगा. यहां 30 हजार औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा. पार्क की मैपिंग करा ली गई है और एप्रूवल के लिए शासन को भेज दी गई है
खेलकूद से लेकर योग कीबेहतर व्यवस्थाएं
सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उम्मीद है कि फरवरी महीने में ही पार्क को तैयार करने के लिए हर्बल पौधों की रोपाई शुरू हो जाएगी. पौधारोपण का कार्य भी पौंड मैन रामवीर तंवर के निर्देशन में कराया जाएगा. जिन्हें छह राज्यों में तालाब संरक्षण और पौधारोपण कार्य का अनुभव है. पार्क में खेलकूद से लेकर योग आदि के लिए बेहतर व्यवस्थाएं रहेंगी. उन्होंने बताया कि यहां रोपित होने वाले पौधे सर्दी जुकाम से लेकर जोड़ों के दर्द और फेंफड़ों, दिल की बीमारी जैसे असाध्य रोगों के इलाज में काम आएंगे.
ये लगाए जाएंगे पौधे
हापुड़ जिले में तैयार होने जा रहे हर्बल पार्क में गिलोय, अरंडी, अर्जुन वृक्ष, पॉइजन आइवी, अश्वगंधा, चिरायता, इंग्लिश विलो, चुकंदर, ईसबगोल, छुईमुई पौधा, इकोनाइट, तुलसी, कढ़ी पत्ते, जीरा, करोंदा, दालचीनी, कालमेघ किवांच, सर्पगंधा, कृष्ण नील, कुसुम, खरक, गेंदा, घृत कुमारी, गुलाब, आंवला, नील गिरी, नीम, अरबी सब्जी, हिरन खुरी, ब्राह्मी हरीतकी, हेमलॉक आदि पौधे लगाए जाएंगे।










