मध्यप्रदेश:- घर से लेकर बाहर तक की जिम्मेदारियों का बोझ, महिलाओं की मानसिक सेहत को काफी हद तक प्रभावित करता है। तनाव पूर्ण जीवनशैली के चलते महिलाएं अक्सर मानसिक समस्याओं का शिकार हो जाती हैं। याददाश्त का कमजोर होना भी इसी तरह की एक मानसिक समस्या है, जो व्यावहारिक जीवन में भी कई सारी परेशानियां लाता है। ऐसे में समय रहते इसका निदान जरूरी है।देखा जाए तो मानसिक समस्याओं के लिए दवाओं से कहीं अधिक प्राकृतिक उपाय कारगर साबित होते हैं और जब बात प्राकृतिक उपायों की हो तो योगासन से बेहतर क्या हो सकता है। इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे ही योगासनों के बारे में बता रहे हैं जो कि कमजोर याददाश्त की समस्या से निदान दिलाने में सहायक हो सकते हैं। बता दें कि हमने इस बारे में योगा एक्सपर्ट त्रिधा जायसवाल से बात की है और उनसे मिली जानकारी यहां आपके साथ शेयर कर रहे हैं।पद्मासन का अभ्यास मानसिक सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास से मानसिक शांति मिलती है और एकाग्रता बढ़ती है। इसलिए जिन लोगों को याददाश्त या मानसिक सेहत से जुड़ी कोई समस्या हो, उन्हें इस आसन का अभ्यास जरूर करना चाहिए।ऐसे करें अभ्यास- इसके अभ्यास के लिए किसी शांत जगह पर बैठ जाएं और फिर अपने दाहिने घुटने को मोड़ कर उसे बाईं जांघ के ऊपर रखें। इस स्थिति में आपके दाहिने पैर का तलवा ऊपर की तरफ रहना चाहिए और उसकी एड़ी आपके पेट के पास। इसी तरह आपको बाएं पैर को मोड़ कर दाईं जांघ के ऊपर रखना है। ऐसे में जब आपके दोनों पैरों से क्रॉस बन जाए तब आपको दोनों हाथों को घुटनों पर ध्यान की मुद्रा की स्थिति में रखें। इस अवस्था में आपको गहरी और लंबी सांसें लेनी है। आपका पूरा ध्यान सांसों की गति पर होना चाहिए, ताकि बाहरी तनाव और चिंता से आप पूरी तरह से मुक्त हो सकें।सर्वांगासन का अभ्यास भी मन-मस्तिष्क को सेहतमंद बनाए रखने में कारगर माना जाता है। असल में इसके अभ्यास से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे शारीरिक और मानसिक ऊर्जा मिलती है। यही मानसिक ऊर्जा आपको तनाव और दूसरी मानसिक परेशानियों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है। इसलिए अगर आप याददाश्त की कमजोरी या दूसरी मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं तो आपको इसका अभ्यास करना चाहिएऐसे करें अभ्यास- सर्वांगासन के अभ्यास के लिए योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। इसके बाद कंधे के सहारे अपने दोनों पैरों को 90 डिग्री तक ऊपर की ओर ले जाएं। इस स्थिति में कंधे से ऊपर का हिस्सा सीधा रखें और अपनी ठोड़ी सीने से लगाकर रखें। इस स्थिति में आपको कुछ देर के लिए बने रहना है और फिर वापस सामान्य अवस्था में आ जाना है।सुखासनसुखासन का अभ्यास जितना सरल होता है, उसके लाभ उतने ही अधिक होते हैं। इस आसन को बच्चे, बुजुर्ग… किसी भी उम्र के व्यक्ति आसानी से कर सकते हैं, क्योंकि इसमें शरीर पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है। वहीं महिलाओं के लिए तो यह आसन विशेष तौर पर लाभकारी होता है, यह महिलाओं की शारीरिक और मानसिक परेशानियों को कम करने में बेहद सहायक माना जाता है।ऐसे करें अभ्यास- सुखासान के अभ्यास के लिए आपको किसी शांत जगह पर रीढ़ की हड्डी सीधी करते हुए पालथी मारकर बैठना है। इस स्थिति में आपका सिर, गर्दन और पीठ एक सीध में होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में आपको सांसों की गति संयमित करते हुए ध्यान करना है। इसके अभ्यास से मानसिक ऊर्जा मिलती है, जिससे एकाग्र शक्ति बढ़ती है।इस तरह से इन योगासनों के अभ्यास जरिए आप याददाश्त के साथ ही मानसिक सेहत को दुरुस्त कर सकते हैं। उम्मीद करते हैं कि सेहत से जुड़ी यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों और परिचितों के साथ शेयर करना न भूलें।













