नई दिल्ली: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक बेहज लोकप्रिय सेविंग स्कीम है. इसे ज्यादातार लोग रिटायरमेंट के लिए चुनते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि PPF को मैच्योरिटी के बाद एक्सटेंड भी किया जा सकता है. इतना ही नहीं इसके जरिए आप हर महीने 24000 रुपये तक की टैक्स फ्री इनकम पा सकते हैं. इस खास नियम के जरिए आप आप अपने भविष्य को पहले से ज्यादा सुरक्षित बना सकते हैं.आमतौर पर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की मैच्योरिटी 15 साल होती है, लेकिन अगर आप चाहें तो आप इसे आगे भी बढ़ा सकते हैं. इतना ही नहीं यह प्रक्रिया बार-बार दोहराई जा सकती है. नियमानुसार आप इसे 5 – 5 साल के लिए एक्सटेंड कर सकते हैं.
गौरतलब है कि अगर कोई शख्स 15 साल की मैच्योरिटी के बाद स्कीम को एक्सटेंड करते हैं तो 15 साल बाद भी क्लोजिंग बैलेंस पर उसे 7.1 फीसदी सालाना ब्याज मिलता रहेगा. चलिए अब आपको पीपीएफ में एक्सटेंशन की सुविधा को उदाहरण के साथ समझाते हैं.15 साल की मैच्योरिटी पर कितना बन सकता है फंडपीपीएफ में मैच्योरिटी तक यानी 15 साल तक हर फाइनेंशियल ईयर में अधिकतम जमा करें तो मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से करीब 40 लाख 68 हजार रुपये का फंड जुटाया जा सकता है. दरअसल, स्कीम के तहत आप एक साल में अधिकतम ढेड़ लाख रुपये जमा कर सकते हैं.
इसके लिए आपको हर साल 7.1 प्रतिशत की ब्याज मिलेगी.इस तरह आप 15 साल में कुल 22 लाख 50 हजार रुपये जमा कर लेंगे. इस पर आपको हर साल 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलेगा. इस तरह 15 साल बाद आपक कुल फंड 40,68,209 रुपये हो जाएगा.कैसे होगी मंथली इनकम?मान लीजिए आपने 15 साल तक स्कीम चलाई और 40 लाख रुपये का फंड तैयार कर लिया. अब आप इस पैसे को 5 साल के लिए एक्सटेंड करते हैं, तो क्लोजिंग बैलेंस पर आपको 7.1 फीसदी ब्याज मिलेगा. ऐसे में अगर एक साल में एक बार ब्याज का ही पैसा निकालते हैं तो आपके क्लोजिंग बैलेंस पर 7.1 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा.
यह एक साल में 2,88,843 रुपये होगा.आप अगर चाहें तो आप एक बार में पूरी ब्याज की रकम को निकाल सकते हैं. इसे 12 महीनों में बांट दें तो 24,000 रुपये महीना होगा. इतना ही नहीं ये पैसा निकालने पर कोई टैक्स भी नहीं लगेगा.कैसे खुलेगा PPF अकाउंट?कोई भी भारतीय नागरिक पोस्ट ऑफिस जाकर यह अकाउंट अपने या अपने बच्चे के नाम पर खोल सकता है. इसके लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं. आपको अपनी पहचान को सत्यापित करने वाले केवाईसी दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदी की जरूरत होगी.













