मध्यप्रदेश :- हौसला बढ़ाएं: उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएं. उनकी तारीफ करें और उन्हें अपनी खूबियों की याद दिलाएं.बात करें: पहले तो, अपने बच्चे के साथ बैठकर खुल कर बातचीत करें. पूछें कि स्कूल में उनका दिन कैसा रहता है और कोई उन्हें परेशान तो नहीं करता .साथ दें: उन्हें बताएं कि आप हमेशा उनके साथ हैं और वे अकेले नहीं हैं. उन्हें ये समझाएं कि किसी के द्वारा परेशान किया जाना उनकी गलती नहीं है.स्कूल से बात करें: बच्चे की बात सुनने के बाद, उनके टीचर या स्कूल के प्रिंसिपल से मिलें और पूरी बात बताएं. उनसे समाधान निकालने में मदद मांगें.समाधान की रणनीति बनाएं: अपने बच्चे के साथ मिलकर एक प्लान बनाएं कि अगर फिर से कोई परेशान करे तो वे क्या करेंगे. उन्हें सही और गलत के बारे में समझाएं.मदद लें: अगर लगे कि बात ज्यादा गंभीर है, तो किसी काउंसलर या मनोवैज्ञानिक से बात करने में हिचकिचाएं नहीं.













