नई दिल्ली : अधिकतर पेरेंट की शिकायत होती है कि बच्चे पढ़ाई से दिल चुराते हैं. सही समय पर बच्चों में कुछ आदतें डेपलव करने से बच्चे रेगुलर पढ़ाई करने लगते हैं.बेहतर पेरेंटिंग में बच्चों में अच्छी और हेल्दी आदतें डेपलव करना भी शामिल है. अधिकतर पेरेंट की शिकायत होती है कि बच्चे पढ़ाई से दिल चुराते हैं. जबकि पेरेंट को पढ़ाई की अहमियत पता होती है और वे चाहते हैं कि बच्चे पढ़ाई पर ध्यान दें. ऐसे में सही समय पर बच्चों में कुछ आदतें डेपलव करने से मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं कौन सी आदतें जिनसे बच्चे रोज नियम से पढ़ाई करना सीख जाते हैं….
बच्चों में पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करने वाली आदतें
रूटीन
सबसे पहले तो बच्चे के लिए रूटीन सेट करें. इस रूटीन में खेलने से लेकर पढ़ने तक का समय निश्चित करें. इसमें छोटे बच्चों के लिए एक या दो घंटे का समय पढ़ाई के लिए तय कर दें. इस नियम के चलते बच्चे को हर दिन तय समय पर पढ़ाई करने की आदत होगी.
स्टडी एरिया
बच्चे की पढ़ाई के लिए सही जगह तय करें. टीवी देखते हुए या खाना खाते समय पढ़ाई करना सही नहीं है. पढ़ाई के उसे स्टडी टेबल पर बैठने की आदत लगाएं. पढ़ाई के लिए ध्यान और एकाग्रता की जरूरत होती है.
प्रेशर न डालें
हर समय बच्चों को पढ़ने के लिए न बोलें, इससे उनके मन में पढ़ाई का हौव्वा बन जाता है. उसे तय समय पर पढ़ाई करने के लिए इनकरेज करें. संभव हो तो उस समय उसे वक्त दें और उसके सीखने की कोशिश की तारीफ करें.
लिखने की आदत
केवल यह कहना काफी नहीं है जाओं पड़ाई करों. बल्कि उसके साथ बैठकर पढ़ाई का तरीका भी बताना चाहिए. कैसे चीजों को याद करके लिखने से मदद मिलती है, यह बताएं.
हेल्दी ब्रेन के लिए हेल्दी बॉडी की जरूरत होती है. बच्चों को हेल्दी डादट लेने के लिए इनकरेज करें. उन्हें नियमित रूप से सुबह शाम दूध पीने के लिए कहें. ठीक से नहीं खाने के कारण बच्चों में चिप्स और कुरकुरे जैसे स्नैक्स की आदतें पड़ जाती है. खाने के साथ साथ हर दिन अव्छी नींद भी जरूरी है. इसके लिए सही समय पर सोने की आदत डालें।













